Thursday, 20 September 2018, 6:06 PM

धर्म कर्म

सर्वनाश का कारण बनती हैं ये 9 बातें, रामायण के अनुसार

Updated on 10 August, 2018, 6:40
रावण बहुत विद्वान था। धार्मिक पुस्तकों में उसे प्रखांड पंडित की उपाधि भी दी गई है। लेकिन कुछ अवगुणों के कारण वह अपने परिवार के साथ ही सोने की लंका को भी गंवा बैठा और आज भी उसे एक दुराचारी और पापी की तरह ही देखा जाता है। रावण का... आगे पढ़े

साल का आखिरी सूर्यग्रहण चीन के लिए अशुभ, भारत में रहने वालों पर प्रभाव जानें

Updated on 10 August, 2018, 6:20
मेदिनी ज्योतिष में ग्रहण के समय बनानेवाली ग्रह स्थिति का बहुत महत्व है। इसका उपयोग मौसम में होनेवाले परिवर्तनों, वर्षा, बाढ़ और भूकंपन आदि की भविष्यवाणियों के लिए किया जाता हैl क्योंकि ग्रहण राजसी ग्रहों सूर्य और चंद्रमा पर लगता है तो इसलिए इसका प्रभाव महत्वपूर्ण व्यक्तियों और शासक वर्ग... आगे पढ़े

सावन शिवरात्रि आज, बना अनोखा शुभ संयोग, पूरी होगी शिवभक्तों की मनोकामना

Updated on 9 August, 2018, 12:45
वैसे तो प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। इस समय सावन का महीना चल रहा है जिसके कारण शिवरात्रि का बहुत महत्व है। सावन महीने के शिवरात्रि को सबसे ज्यादा शिवलिंग पर जल इसी दिन चढ़ाया जाता है। इस मौके पर देशभर के... आगे पढ़े

इस युद्ध को रोकने के लिए स्वयं शिव पधारे थे पृथ्वी पर

Updated on 9 August, 2018, 8:20
अपने भक्तों के कष्ट हरने के लिए शिव समय-समय पर पृथ्वी पर आते हैं। ऐसा ही एक वाकया द्वापर युग में महाभारत के युद्ध के बाद हुआ। यह युद्ध इतना भीषण था कि इसे समाप्त कराने के लिए स्वयं भगवान शंकर पृथ्वी पर प्रकट हुए थे। यह युद्ध था स्वयं... आगे पढ़े

इस वजह से भगवान शिव को कहा जाता है पशुपति, इन्होंने दिया था आशुतोष नाम

Updated on 9 August, 2018, 7:00
श्री श्री आनन्दमूर्ति वज्र शिव का शक्तिशाली अस्त्र है। वज्र को शिव निरीह पशु-पक्षियों को बचाने के लिए तथा मानवता विरोधी व्यक्तियों के विरुद्ध व्यवहार में लाते थे। शिव जीवन के सब क्षेत्रों में अत्यंत संयमी कहे जाते हैं। इसलिए अस्त्र का व्यवहार वह कभी-कभार ही करते थे। उन्होंने अच्छे लोगों... आगे पढ़े

जानें महाकाल की भस्‍म आरती का रहस्‍य, क्‍यों महिलाओं को यहां करना पड़ता है घूंघट

Updated on 9 August, 2018, 6:40
भगवान शिव के सबसे रहस्‍यमयी स्‍वरूपों में से एक है महाकाल। वर्तमान में महाकाल के रूप में भगवान भोलेनाथ तीर्थ नगरी उज्‍जैन में विराजमान हैं। महाकाल की 5 आरतियां होती हैं, जिसमें सबसे खास मानी जाती है भस्‍म आरती। भस्‍म आरती यहां भोर में 4 बजे होती है। आइए जानते... आगे पढ़े

11 अगस्त को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, जानें ग्रहण का समय

Updated on 7 August, 2018, 13:03
Solar Eclipse August 2018: 11 अगस्त को साल का आखिरी सूर्य ग्रहण लगने वाला है। यह साल का तीसरा सूर्य ग्रहण होगा। इसे पहले 13 जुलाई और 15 फरवरी 2018 को दो सूर्य ग्रहण पड़ चुके हैं। 11 अगस्त के ग्रहण के बाद अब अगला सूर्य ग्रहण 6 जनवरी 2019... आगे पढ़े

कौन हैं शिव ?

Updated on 6 August, 2018, 19:15
शिव संस्कृत भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ है, कल्याणकारी या शुभकारी। यजुर्वेद में शिव को शांतिदाता बताया गया है। 'शि' का अर्थ है, पापों का नाश करने वाला, जबकि 'व' का अर्थ देने वाला यानी दाता।   क्या है शिवलिंग...???   शिव की दो काया है। एक वह, जो स्थूल रूप से व्यक्त... आगे पढ़े

हत्या देवी, इसलिए मंदिर में जाने से डरते हैं पुरोहित के वंशज

Updated on 6 August, 2018, 8:20
हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एक ऐसा मंदिर है, जहां एक गांव के लोग हर रोज दर्शन करते हैं और दूसरे गांव के लोग वहां जाने से भी डरते हैं। हत्या देवी कोई और नहीं सुकेत राज्य की राजकुमारी हैं। एक समय में मंडी का नाम सुकेत हुआ करता... आगे पढ़े

भगवान ने बताया इस तरह मै ही हूं अमृत और मृत्यु

Updated on 6 August, 2018, 7:00
सुरक्षित गोस्वामी तपाम्यहमहं वर्षं निगृह्णम्युत्सृजामि च | अमृतं चैव मृत्युश्च सदसच्चाहमर्जुन || गीता 9/19|| अर्थ: मैं ही सूर्य रूप से तपता हूं, वर्षा का आकर्षण और बरसाता हूं। हे अर्जुन! अमृत और मृत्यु मैं ही हूं और मैं ही सत्-असत् भी हूं। व्याख्या: क्योंकि परमात्मा कण-कण में व्याप्त है, इसलिए जो कुछ भी इस... आगे पढ़े

मंदिर के 7 दरवाजों के पीछे ऐसा रहस्य, डरती है दुनिया खुल गया तो

Updated on 5 August, 2018, 7:00
केरल के तिरुवनंतपुरम में स्थित पद्मनाभ स्वामी मंदिर, भगवान विष्णु को समर्पित है, जो पूरी दुनिया में मशहूर है। साथ ही दुनिया के कुछ रहस्यमय जगहों में इसकी गिनती होती है। दरअसल, यहां ऐसे कई रहस्य हैं, जिन्हें कई कोशिशों के बाद भी लोग इसको सुलझा नहीं पाएं हैं। इस... आगे पढ़े

एकादश रुद्र का स्मरण

Updated on 4 August, 2018, 9:07
शास्त्रों के मुताबिक शिव ग्यारह अलग-अलग रुद्र रूपों में दु:खों का नाश करते हैं। यह ग्यारह रूप एकादश रुद्र के नाम से जाने जाते हैं। जानते हैं:- 🕉1. शम्भू– शास्त्रों के मुताबिक यह रुद्र रूप साक्षात ब्रह्म है। इस रूप में ही वह जगत की रचना, पालन और संहार करते हैं। 🕉2. पिनाकी... आगे पढ़े

ये थे भगवान विष्णु के पहले अवतार

Updated on 4 August, 2018, 8:20
सत्यव्रत नाम के राजा एक दिन कृतमाला नदी में सूर्यदेव को अर्घ्य दे रहे थे। उसी समय उनके हाथ में एक छोटी सी मछली आ गई। राजा ने उस मछली को वापिस नदी में डाल दिया तो मछली ने उसे कहा कि इस जल में बड़े जीव-जंतु मुझे खा जाएंगे।... आगे पढ़े

धर्म को मोक्ष की जगह अगर इससे जोड़ें तो सभी समस्याओं का होगा अंत

Updated on 4 August, 2018, 7:00
आचार्य लोकेशमुनि अंतरराष्ट्रीय रिसर्च संगठन ग्लोबल फुटप्रिंट नेटवर्क ने गणना करके बताया है कि हमारे अतिभोग के चलते पृथ्वी के संसाधनों के खात्मे की तारीख तेजी से करीब आती जा रही है। भविष्य के लिए निर्धारित संसाधनों को हम वर्तमान में खर्च करके सर्वनाश की ओर बढ़ रहे हैं। आज सारे... आगे पढ़े

एक ऐसा जंगल जो अनजाने में बन गया पाप का भागीदार

Updated on 3 August, 2018, 8:20
हिंदू धर्म के शास्त्रों व ग्रथों में एेसे कई पात्र और स्थानों के बार में बताया गया है जो अपने आप में ऐतिहासिक व रहस्यमयी है। हिंदू धर्म में देवी-देवताओं की संख्या ज्यादा होने के कारण इनसे जुड़े स्थान व कथाओं की संख्या भी अधिक हैं। लेकिन आज एेसे कई... आगे पढ़े

सीता स्वयंवर में तोड़े गए धनुष का रहस्य जानते हैं आप ?

Updated on 3 August, 2018, 7:00
राजा जनक भगवान शिव के वंशज थे और भोलेनाथ का धनुष उनके राज महल में रखा था। महाराज जनक ने कहा था कि जो उस धनुष की प्रत्यंचा को चढ़ा देगा, उसी से मेरी पुत्री सीता का विवाह होगा। शिव धनुष कोई साधारण धनुष नहीं था बल्कि उस काल का... आगे पढ़े

रुद्राभिषेक के विभिन्न पूजन के लाभ

Updated on 2 August, 2018, 10:14
रुद्राभिषेक के विभिन्न पूजन के लाभ इस प्रकार हैं- • जल से अभिषेक करने पर वर्षा होती है। • असाध्य रोगों को शांत करने के लिए कुशोदक से रुद्राभिषेक करें। • भवन-वाहन के लिए दही से रुद्राभिषेक करें। • लक्ष्मी प्राप्ति के लिये गन्ने के रस से रुद्राभिषेक करें। • धन-वृद्धि के लिए शहद एवं... आगे पढ़े

क्या है शिव की प्रिय कांवड़ यात्रा का रहस्य, जानें इससे जुड़ी मान्यताएं

Updated on 2 August, 2018, 8:20
हिंदू धर्म के अनुसार सावन भगवान शिव का प्रिय माह है। जिस कारण इस महीने में भोलेनाथ के भक्त उनकी प्रिय कांवड़ यात्रा निकालते हैं। लेकिन यह यात्रा कैसे और कब शुरू हुई इसके बारे में शायद ही किसी को पता होगा। तो आईए जानते हैं, कि इससे जुड़ी मान्यताओं... आगे पढ़े

मानो या न मानो: श्रीराम ने अपने कर्म का फल श्रीकृष्ण के रूप में भोगा

Updated on 1 August, 2018, 7:00
मनुष्य को अपने कर्मों का फल भोगना पड़ता है, हिंदू धर्म में यह मान्यता है। संत-साधु कहते हैं कि कर्म के फल से तो स्वयं भगवान विष्णु भी नहीं बच पाए। दरअसल भगवान विष्णु के 10 अवतारों में श्रीराम और श्रीकृष्ण भी हैं। जब भगवान राम माता सीता की खोज... आगे पढ़े

जानें, कैसे बना बदसूरत प्राणी भगवान राम के स्पर्श से खुबसूरत

Updated on 31 July, 2018, 8:20
बहुत पहले की बात है? तब गिलहरी काली और बदसूरत हुआ करती थी। लोग भी उसे पसंद नहीं करते थे। वह घरों में पहुंच जाती तो लोग उसे भगाने लगते। निराश गिलहरी गांव में एक साधु बाबा के पास रहने लगी। जो बाबा खाते, वह गिलहरी खाती। उनके यज्ञ की... आगे पढ़े

शास्त्रों से जानें भगवान सूर्य की महत्ता और महिमा

Updated on 30 July, 2018, 8:40
हिंदू शास्त्रों में सूर्य देव को सारे जगत का कर्ता-धर्ता कहा गया है। ऋग्वेद के देवताओं में सूर्य का महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। वहीं ब्रह्मवैर्वत पुराण में तो सूर्य को परमात्मा स्वरूप माना जाता है। इतना ही नहीं प्रसिद्ध गायत्री मंत्र सूर्य परक ही है। इसके साथ नव ग्रह में... आगे पढ़े

सावन की पहली सोमवारी पर उमड़े श्रद्धालु, जानें पूजा की विधि

Updated on 30 July, 2018, 7:14
नई दिल्ली, आज सावन की पहली सोमवारी है. देशभर के मंदिरों में इस मौके पर श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक कर रहे हैं. पूरा पूरा श्रावण मास जप,तप और ध्यान के लिए उत्तम होता है, पर इसमें सोमवार का विशेष महत्व है. सोमवार का दिन चन्द्र ग्रह का दिन होता है... आगे पढ़े

क्या सच में इस रुप में ली भगवान शिव ने माता पार्वती की परीक्षा

Updated on 30 July, 2018, 7:00
मां पार्वती भगवान शिव को अपने पति रुप में पाने के लिए घोर तप कर रहीं थीं। उनकी तपस्या को देखकर भगवान ने उनकी परीक्षा लेने का सोचा। उन्होंने पार्वती जी की परीक्षा लेने सप्तर्षियों को भेजा। मां गौरी के सामने सप्तर्षियों ने शिव जी के अवगुण बताएं लेकिन माता... आगे पढ़े

सावन में रोज़ाना करें शिव का पूजन, सफल बनेगा जीवन

Updated on 29 July, 2018, 8:20
नाग देवता भगवान शिव के गले का शृंगार हैं, इसलिए सावन मास में भगवान शिव के साथ-साथ शिव परिवार और नागों की भी पूजा करनी चाहिए। श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि नाग पंचमी के रूप में मनाई जाती है। इस दिन पांच फन वाले नाग देवता की... आगे पढ़े

आज के दिन करें श्री सत्यनारायण व्रत कथा, बनेंगे बिगड़े काम

Updated on 28 July, 2018, 7:00
एक बार नारद जी ने भ्रमण करते हुए मृत्युलोक के प्राणियों को अपने-अपने कर्मों के अनुसार तरह-तरह के दुखों से परेशान होते हुए देखा। इससे उनका हृदय द्रवित हो उठा और वह अपने परम आराध्य भगवान श्री हरि की शरण में कीर्तन करते पहुंच गए और स्तुतिपूर्वक बोले, ‘हे नाथ!... आगे पढ़े

सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण, बाइबल में हैं विनाश की भविष्यवाणियां!

Updated on 27 July, 2018, 19:53
27 जुलाई को 21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण होने वाला है. ये खग्रास चंद्रग्रहण है यानी पूर्ण चंद्रग्रहण. दुनियाभर के लिए यह एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है. ये चंद्रग्रहण साल 2001 से लेकर साल 2100 तक का सबसे लंबा चंद्रग्रहण होगा. इसकी कुल अवधि 6 घंटा 14 मिनट रहेगी. इसमें पूर्णचंद्र... आगे पढ़े

लग गया चंद्रग्रहण का सूतक, अब सुबह तक ना करें ये काम

Updated on 27 July, 2018, 18:14
आज रात 11 बजकर 55 मिनट से ग्रहण लगने जा रहा है। शास्त्रों के नियमानुसार चंद्रग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक लग जाता है। इस नियम के अनुसार 2 बजकर 54 मिनट पर सूतक लग गया है। इसके साथ ही देश के सभी मंदिरों के कपाट बंद हो चुके हैं। काशी... आगे पढ़े

आज सदी का सबसे लंबा पूर्ण चंद्रग्रहण, दोपहर बाद बंद हो जाएंगे देश के सभी बड़े मंदिर

Updated on 27 July, 2018, 9:38
नई दिल्ली,  21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्रग्रहण (Longest total lunar eclipse) आज यानी 27 जुलाई को लग रहा है. इस पर दुनियाभर की निगाहें टिकी हैं. भारत में पूर्ण चंद्रग्रहण दिखाई देगा. देशभर के कई इलाके में पूर्ण चंद्रग्रहण को देखने के लिए कई तरह के इंतजाम किए गए... आगे पढ़े

क्या सच में श्री हरि ने अपनी ही पत्नी को दिया श्राप

Updated on 27 July, 2018, 9:00
एक बार जब भगवान श्री हरि वैकुण्ठ लोक में माता लक्ष्मी जी के साथ विराजित थे। उसी समय अश्व पर सवार होकर रेवंत का आगमन हुआ। वह अश्व देखने में बहुत ही आकर्षक था कि मां लक्ष्मी उसको ध्यान से देखने में मग्न हो गई। विष्णु जी के बार-बार बुलाने... आगे पढ़े

21वीं सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण कल, 9 जून- 2123 में फिर बनेगा ऐसा संयोग

Updated on 26 July, 2018, 10:00
    इस सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण शुक्रवार की रात को लगने वाला है। चंद्र ग्रहण 2018 के दौरान चंद्रमा पृथ्वी के साये में पूरी तरह करीब 1 घंटे 43 मिनट तक रहेगा। बता दें कि यह अवधि पूर्ण चंद्र ग्रहण की है। वैसे, चंद्र ग्रहण का कुल वक्त 6... आगे पढ़े

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