भोपाल/इंदौर/जबलपुर. मध्य प्रदेश में कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण सोमवार को शुरू हुआ. वैक्सीनेशन में संतों और बुजुर्गों का जबरदस्त रेस्पॉन्स देखने को मिला. भोपाल में मंत्री प्रभुराम चौधरी ने सबसे पहले टीका लगवाया तो वहीं जबलपुर में संत समाज इसके लिए आगे आया.भोपाल में जेपी अस्पताल को जबरदस्त तौर पर सजाया गया था. बता दें, भोपाल में एम्स, हमीदिया, जीएमसी, जेपी अस्पताल, बीएमएचआरसी, पुलिस अस्पताल, कस्तूरबा भेल, इएसआई सोनागिरी, सीएचसी बैरसिया, सिविल अस्पताल, बैरागढ़, चिरायु अस्पताल, जेके अस्पताल, महावीर मेडिकल कॉलेज, पीपुल्स अस्पताल, आरकेडीएफ, नेशनल अस्पताल, नोबल अस्पताल, भोपाल केयर अस्पता में टीके लगाए जाने हैं.

इंदौर में वैक्सीनेशन के लिए पोर्टल ही शुरू नहीं हुआ
इंदौर में वैक्सीनेशन के लिए पोर्टल शुरू नहीं हुआ. पोर्टल शुरू न होने के चलते वैक्सीनेशन देर से शुरू हो पाया. अस्पतालों में अब ऑफलाइन तरीके से रजिस्ट्रेशन हो रहे हैं. एक सेंटर पर एक दिन में 500 लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य रखा गया है. यहां चोइथराम, इंडेक्स मेडिकल कॉलेज, अरविंदो हॉस्पिटल, भंडारी हॉस्पिटल, सेंट फ्रांसिस हॉस्पिटल, मेडिकेयर हॉस्पिटल, वर्मा यूनियन हॉस्पिटल, पीसी सेठी हॉस्पिटल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज और महू सिविल हॉस्पिटल वैक्सीनेशन सेंटर्स स्थापित किए गए हैं.

जबलपुर में बड़ी संख्या में पहुंचे धर्मगुरुओं ने कराया वैक्सीनेशन
जबलपुर में महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी, जगतगुरु  स्वामी श्यामदेवाचार्य महाराज सहित संत समाज ने राहत का टीका लगवाया. उन्होंने वैक्सीन को लेकर भ्रम फैलाने वाले लोगों को कड़ा जवाब दिया. जगतगुरु  स्वामी श्यामदेवाचार्य महाराज ने कहा- कोरोना से समाज को स्वस्थ और सुरक्षित होने में रोड़ा ना डालें इसके विरोधी लोग. वहीं जगतगुरु  स्वामी श्यामदेवाचार्य महाराज ने कहा - देश के प्रधानमंत्री ने वेक्सिनेशन करा कर समाज विरोधी लोगों जवाब दे दिया है. महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरी ने कहा कि वैक्सीनेशन से स्वास्थ्य पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. सभी लोग लगवाए ये टीका लगवाएं.

जबलपुर में स्थिति बेहतर
वैक्सीनेशन के लिए यहां चार निजी और चार सरकारी अस्पतालों को चिन्हित किया गया है. सरकारी अस्पतालों में रानी दुर्गावती अस्पताल, सेठ गोविंद दास अस्पताल, रांझी का सिविल अस्पताल और नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल शामिल हैं. इसके अतिरिक्त निजी अस्पतालों में भी कोरोना की वैक्सीन लगाने की व्यवस्था की गई है. जबलपुर में 98 फ़ीसदी  के करीब कोरोना पीड़ित मरीज स्वस्थ हो चुके हैं. कुल संक्रमितों का आंकड़ा जबलपुर में सोमवार तक 16648 है, जबकि इनमें से 16284 मरीज स्वस्थ भी हो चुके हैं. 252 मरीजों की मृत्यु हुई है, जबकि एक्टिव केस मात्र 112 बचे हैं.