सिलवानी(रायसेन) से शिवम नामदेव

क्षतिग्रस्त हो चुकी लगभग 2 सौ साल पुरानी बावड़ी का संरक्षण किए जाने को लेकर शुक्रवार को शाम के समय एसडीएम संघमित्रा बौद्ध ने बावड़ी का अचानक निरीक्षण किया। वहीं एसडीएम संघमित्रा ने बताया कि विष्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर नगर परिषद के द्वारा बावडी की सफाई किए अभियान प्रारंभ किया गया था। तथा नागरिको से बावड़ी के संरक्षण को लेकर सुझाव भी आमंत्रित किए गए थे।  प्राकृतिक जल स्त्रोत बावड़ी का सरंक्षण व संबर्धन किए जाने को लेकर एसडीएम संघमित्रा बौद्ध की पहल पर नगर परिषद द्वारा सफाई कार्य किया गया था ताकि प्राकृतिक जल स्त्रोत व नगर की धरोहर को पुन: जीवित किया जा सके।
   नगर में बावड़ी को लेकर *पत्रकार शिवम नामदेव* ने  खबर को प्रकाशित किया गया था। जिसके चलते एसडीएम संघमित्रा बौद्व एवं नगर पालिका सीएमओ ने उसे गंभीरता से लेकर सफ ाई अभियान के तहत कार्य को अग्रेषित किया। एसडीएम के द्वारा बावड़ी के निरीक्षण के दौरान एवं अन्य कार्यों के लिए निर्देशित किया गया। वही उन्होंने कहा कि पहले की तरह बावड़ी का पानी पीने योग्य बनाने के लिए हम सब को काम करना है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम संघमित्रा बौद्ध ने कहा कि यह बावड़ी हमारे नगर की सबसे पुरानी एवं पुरातत्व विभाग के हिसाब से लगभग 200 वर्ष पुरानी जल स्रोत है। क्योंकि पहले भी बावड़ी को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने के लिए कई प्रयास किए गए। वही एक बार फिर हम सभी मिलकर यह प्रयास कर रहे हैं कि बावड़ी को और भी अच्छा बनाया सके। बावड़ी की सीढिय़ों पर पेवर ब्लॉक एवं चारों ओर दीवार होने से भी वाबडी को सुरक्षित किया जा सकेगा,साथी मेन गेट पर एक लोहे का गेट भी लगाया जा सके। जिससे कि अंदर किसी भी प्रकार के जानवरों का जाना मुमकिन ना हो वही नगर पंचायत के द्वारा समय-समय पर बावड़ी के आसपास साफ-सफाई की जाए एवं आगामी दिनों में वृक्षारोपण का कार्यक्रम भी किया जावेगा। जिससे कि चारों ओर हरियाली भी बनी रहे।

न्यूज़ सोर्स : शिवम नामदेव सिलवानी