सलामतपुर रायसेन से अदनान खान की रिपोर्ट

भले ही पुलिस विभाग को ड्यूटी से कोताही करने वाले पुलिस कर्मचारियों ने बदनाम कर रखा है। लेकिन कई ऐसे भी काबिल पुलिस अधिकारी व कर्मचारी विभाग में तैनात हैं जो ड्यूटी के साथ अपने सामाजिक नैतिक फर्ज भी निभा रहे हैं। रायसेन जिले के सलामतपुर थाना अंतर्गत दिवानगंज पुलिस चौकी में पदस्थ चौकी प्रभारी सत्येंद्र दुबे ने अपने क्षेत्र भ्रमण के दौरान एक बेसहारा भूखे बुजुर्ग को देखा तो अपने लिए होटल से लेकर गाड़ी में रखे खाने को 2 दिन से भूखे बुजुर्ग को दे दिया। शुक्रवार को दीवानगंज चौकी प्रभारी सत्येंद्र दुबे भोपाल विदिशा रोड पर पुलिस सहायता केंद्र बेरखेड़ी चौराहे का भ्रमण करते हुए निकले तो सेमरा मार्ग पर बने यात्री प्रतिक्षालय में उन्हें एक बेसहारा बुजुर्ग व्यक्ति नजर आया। चौकी प्रभारी ने इनसे खाने के बारे में पूछा तो बुजुर्गों की आंखें भर आईं और बोले कि बेटा मैंने दो दिन से कुछ भी नहीं खाया है। इस समय हमें भोजन कराने वाला भला कौन है? बेसहारा बुजुर्ग की यह बात सुन चौकी प्रभारी सत्येंद्र दुबे का मानवीय चेहरा सामने आया। इन्होंने देश भक्ति और जनसेवा के स्लोगन को हकीकत में बदलते हुए अपनी गाड़ी में खुद के लिए रखे खाने को निकाला और बिना देर किए अपने हाथों से बुजुर्ग को दे दिया। बुजुर्ग ने बताया कि उसका नाम हरकिशन अहिरवार है वह सरार गांव का रहने वाला है। उसकी एक झोपड़ी बनी थी जो बारिश में टूट गई है। लगभग 1 महीने से यात्री प्रतीक्षालय में वह रह रहा है। उसके पैर से चलते भी नहीं बनता। इससे पहले वह कुल्हाडिया पर सरकारी स्कूल के बाहर रह रहा था। उसे वहां से भगा दिया गया। अब एक महीने से वह यात्री प्रतीक्षालय में ही है। अगर कभी कोई उसे खाना दे देता है तो खा लेता है। नहीं तो भूखा सो जाता है। चौकी प्रभारी सत्येंद्र दुबे ने उसके हालचाल जाने और उन्होंने यह भी कहा कि आगे भी उसके खाने-पीने का भी इंतजाम करवाते रहेंगे।

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान सलामतपुर