-ब्रिज की दरार व गड्डों में हर दूसरे दिन हो रही हैं दुर्घटनाएं
- 1 किमी लंबे ब्रिज के 600 मीटर क्षेत्र में दोनों तरफ हो रहे हैं गहरे गड्डे
-प्रतिदिन निकलते हैं 25 हज़ार से अधिक वाहन
-बढ़ती हुई दुर्घटनाएं देखकर ब्रिज पर लिखाए अस्पतालों के पते

सलामतपुर रायसेन से अदनान खान की विशेष रिपोर्ट

भोपाल विदिशा स्टेट हाइवे 18 के सलामतपुर रेलवे ओवरब्रिज पर दोनों और 600 मीटर लंबे क्षेत्र में गहरे गहरे गड्ढे व लंबी दरारें हो गई हैं। इन्ही गड्डों में हर दूसरे दिन गंभीर दुर्घटनाएं हो रही हैं। लेकिन ज़िम्मेदार अधिकारीयों के कानों में जूं तक नही रेंग रही हैं। ब्रिज के गड्डों में शुक्रवार रात्रि के समय एक सीहोर शहर का परिवार जो शादी की खुशियों से शामिल होकर विदिशा अपनी रिश्तेदारी में जा रहा था। इनकी शाइन मोटरसाइकिल एमपी 37 एमयू 5831 जब सलामतपुर रेलवे ओवरब्रिज पर पहुंची तो मोटरसाइकिल का अगला पहिया गहरे गड्डे में चला गया। और मोटरसाइकिल अनियंत्रित हो गई। जिसकी वजह से पीछे बैठी 51 वर्षीय महिला राधा बाई प्रजापति निवासी वार्ड नंबर 19 नहरु कालोनी कन्हैया का बगीचा सीहोर की मौत सांची अस्पताल ले जाते समय रास्ते में हो गई। अनूप सिंह प्रजापति शासकीय धागा फेक्ट्री सीहोर में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। उनका परिवार शुक्रवार को सीहोर से भोपाल शादी समारोह में शामिल होने आया था। ये लोग 2 मोटरसाइकिलों से भोपाल आए थे। भोपाल में शादी की खुशियों में शामिल होने के बाद सभी लोग भोपाल से विदिशा अपने समधी से मिलने जा रहे थे। एक मोटरसाइकिल अनूप प्रजापति चला रहे थे जिसके पीछे उनकी पत्नी राधा बाई प्रजापति बैठी थी। और दूसरी मोटरसाइकिल उनका पुत्र सुमित चला रहा था। लेकिन अनूप प्रजापति को कहां पता था कि आगे रेलवे ओवरब्रिज पर ज़िम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही की वजह से जगह जगह हो रहे गहरे गड्डे उनकी पत्नी राधा बाई की जान के लेंगे। इस मामले में परिजन राधा बाई को सांची स्वास्थ्य केंद्र लेकर गए थे। लेकिन रास्ते मे ही उनकी मौत हो गई। शनिवार के दिन सलामतपुर पुलिस को इस मामले की केस डायरी सांची पुलिस द्वारा ज़ीरो पर कायमी करके भेजी गई चूंकि मामला सलामतपुर थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने मर्ग क्रमांक 19/21 का मामला दर्जकर विवेचना में लिया है। 

2013 में बनकर तैयार हुआ था रेलवे ओवरब्रिज--सलामतपुर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण 2011 में मध्यप्रदेश ब्रिज कारपोरेशन द्वारा शुरू किया गया था। ये ब्रिज 6 करोड़ की लागत से 2013 में बनकर तैयार हुआ था। अपने बनने के साथ ही यह विवादों में आ गया था। ब्रिज कारपोरेशन के तत्कालीन एसडीओ जो अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं को आपत्ति थी कि जिस एरिया में ब्रिज बनाया जा रहा है। वह क्षेत्र ब्लैक कॉटन स्वाइल क्षेत्र है। ब्रिज के पिलर की गहराई कम रखी गई है। पुल धीरे धीरे धसक जाएगा। लेकिन ब्रिज बना रहे ठेकेदार ने एसडीओ की नही सुनी तो उन्होंने दुखी होकर अपना स्थानांतरण करा लिया था। पिछले 7 सालों में एमपीआरडीसी कई बार रेलवे ओवरब्रिज की मरम्मत करा चुकी है।लेकिन अब फिर से ब्रिज में लंबी लंबी दरारें व गहरे गहरे गड्डे हो गए हैं। जिनकी वजह से हर दूसरे दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।

बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए ब्रिज पर लिखाए अस्पतालों के पते--
अब तो आलम यह है की सलामतपुर रेलवे ओवरब्रिज पर इतनी दुर्घटना होने लगी हैं कि कई झोलाछाप डॉक्टरों व कई बड़े अस्पतालों ने तो ब्रिज पर लिखवा दिया है की दुर्घटना होने पर संपर्क करें। 

इस ब्रिज से रोज ही कोई न कोई वीआईपी गुजरता है-सप्ताह में एक बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह भी इसी रेलवे ओवरब्रिज से निकलते हुए विदिशा जाते हैं। वहीं प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा यहीं से आना जाना करते रहते हैं। और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री प्रभुराम चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में आता है यह रेलवे ओवरब्रिज। उसके बाद भी ज़िम्मेदार अधिकारियों द्वारा इस और कोई भी ध्यान नही दिया जा रहा है।

कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना--यह ब्रिज दिल्ली मुम्बई मेन रेलवे ट्रैक पर बना है। जिस पर से हर चार मिनिट में ट्रेन निकलती हैं। किसी दिन कोई वाहन दुर्घटना ग्रस्त होकर नीचे से निकल रही ट्रेन पर गिर सकता है।जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती है। फिर भी एमपीआरडीसी विभाग के अधिकारी गेर ज़िम्मेदार रवैया अपनाए हुए हैं।

रेलवे ओवरब्रिज में बड़ रहा है गेप-- सलामतपुर के उपसरपंच हमजा जाफरी ने बताया की रेलवे ओवरब्रिज की सड़क के बीच में बड़े बड़े गड्ढे व लंबी लंबी दरारें आ गईं हैं। जिसमें वाहन का टायर फंस जाता है। उनकी मोटरसाईकिल भी कई बार दरारों में फंस चुकी है। ग्राम गाडरखेड़ी के यशवंत राजपूत सलामतपुर के कैलाश गोस्वामी, अशोक त्रिपाठी, मयंक साहू, दीपक अहिरवार आदि का कहना है कि पुल के निर्माण में लापरवाही बरती गई है। समय रहते ध्यान नही दिया गया तो कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

इनका कहना है।
अभी भोपाल विदिशा हाइवे के सूखी सेवनिया में रोड का पेंचवर्क चल रहा है। 1 या 2 दिन में सलामतपुर रेलवे ओवरब्रिज के गहरे गड्डों को भर दिया जाएगा।
आसिफ रिज़वी, डिविजनल मैनेजर एमपीआरडीसी 

ओवरब्रिज के गड्डों के कारण हर दूसरे दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार मौखिक रूप से अधिकारियों को इस बारे में बता चुके हैं। शुक्रवार को ही एक महिला की मौत इन्हीं गड्डों की वजह से हुई है। ज़िम्मेदार अधिकारी इस और ध्यान नही दे रहे हैं।
देवेन्द्र पाल सिंह, थाना प्रभारी सलामतपुर

रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य घटिया स्तर का किया गया था। जिसकी वजह से कुछ साल में ही रेलवे ओवर ब्रिज में जगह जगह गड्ढे और बीच में दरार आ गई है। जिसमें वाहन का टायर फंस जाता है। इसी कारण ब्रिज पर आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं।
मूलचंद यादव, प्रधान ग्रापं. सुनारी सलामतपुर।

सलामतपुर रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण 2013 में हुआ था। लेकिन ब्रिज बनने के कुछ समय बाद ही ब्रिज में दरारें आ गईं थी। यह ब्रिज भोपाल-विदिशा स्टेट हाइवे 18 पर बना है। इस मार्ग पर यातायात का बहुत अधिक दवाब रहता है। ब्रिज के बीचों बीच दोनों और बड़ी बड़ी दरारें आ गईं हैं। इन दरारों में बाइक का टायर घुस जाता है। जिसकी वजह से चालक गिर कर घायल हो रहे हैं।
नीरज जैन, वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलामतपुर।

में प्रतिदिन सलामतपुर से भोपाल मोटरसाइकिल से अपडाउन करता हूं। इसी रेलवे ओवरब्रिज से निकलता हूं। ब्रिज पर लंबी लंबी दरारें आ गईं हैं। और साइडों से ब्रिज टूट गया है। यहां से निकलने में जान का खतरा लगता है कि कहीं ये ब्रिज गिर ना जाए।
साजिद खान, स्थानीय निवासी सलामतपुर

न्यूज़ सोर्स : अदनान खान सलामतपुर