नई दिल्ली, पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु समेत 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों के शेड्यूल का ऐलान चुनाव आयोग की ओर से किया जा रहा है। दिल्ली के विज्ञान भवन में मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा तारीखों का ऐलान कर रहे हैं।  
पश्चिम बंगाल में सीएम ममता बनर्जी की प्रतिष्ठा दांव पर होगी, जबकि असम में बीजेपी बहुमत वाली अपनी पहली सरकार को बचाने के लिए चुनावी समर में उतरेगी। तमिलनाडु में मुख्य मुकाबला सत्ताधारी एआईएडीएमके और डीएमके के बीच होगा। यह पहला चुनाव होगा, जब दोनों ही दलों के दिग्गज नेता रहे जयललिता और के. करुणानिधि की गैर-मौजूदगी में चुनाव होगा। केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में हाल ही में फ्लोर टेस्ट में असफल रहने के बाद कांग्रेस की सरकार गिरी है।
बीते कुछ सालों में बीजेपी ने यहां तेजी से अपनी पैठ बनाई है और मुख्य मुकाबला कांग्रेस, बीजेपी और डीएमके के बीच देखने को मिल सकता है। पुडुचेरी की राजनीति में आमतौर पर तमिलनाडु से प्रभावित रही है। ऐसे में डीएमके भी यहां बड़ा फैक्टर होगी। किसान आंदोलन के दौर में हो रहे इन चुनावों को मोदी सरकार के लिए भी एक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। यदि इन चुनावों में बीजेपी को असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में सफलता मिलती है तो यह उसके लिए बड़ी कामयाबी होगी। बता दें कि 2019 के आम चुनाव में बीजेपी ने पश्चिम बंगाल में शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में ममता बनर्जी के सामने वह कड़ी चुनौती पेश कर सकती है।
चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस बस कुछ ही मिनटों में शुरू होने वाली है। मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य अधिकारी विज्ञान भवन पहुंच चुके हैं।
पश्चिम बंगाल में 7 से 8 चरणों में चुनाव कराए जाने की संभावना है। इन राज्यों में मतदाताओं को डिजिटल पहचान पत्र जारी किए गए हैं।
चुनावी की तारीखों के ऐलान से पहले ममता बनर्जी ने मजदूरों की दिहाड़ी में किया इजाफा। शाम 4:30 बजे बंगाल समेत 5 राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान करेगा निर्वाचन आयोग।
पोलिंग बूथ में एंट्री से पहले शरीर का तापमान चेक होगा। अधिक तापमान होने पर दूसरी बार एंट्री का मौका मिलेगा। लेकिन दूसरी बार भी तापमान अधिक होने पर शाम को कोरोना पीड़ितों के साथ ही वोटिंग कर सकेंगे।
कोरोना पीड़ितों को भी चुनाव में मतदान करने की सुविधा दी जाएगी। हालांकि उन्हें 5 से 6 बजे शाम को ही अलग से मतदान करने की अनुमति होगी।
पोल बूथ के अंदर मौजूद अधिकारियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। इसके अलावा उन्हें फेस शील्ड, ग्लव्स और सैनिटाइजर का भी इस्तेमाल करना होगा।
एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों के चुनावों में बिहार मॉडल को लागू किया जाएगा। चुनाव ड्यूटी में लगे अधिकारियों का पहले टीकाकरण होगा।