पंजाब में गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले को लेकर कांग्रेस में छिड़ी अंतर्कलह खत्म करने की कवायद जारी है। इसका हल निकालने के लिए बीते दिनों पार्टी की तरफ से बनाई गई 3 सदस्यीय कमेटी ने पंजाब के सांसद-विधायक और मंत्रियों से एक-एक करके बात की। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी शुक्रवार को कमेटी के सामने अपना पक्ष रखा है। इसके लिए कैप्टन गुरुवार शाम को ही दिल्ली पहुंच गए। उम्मीद जताई जा रही है कि शुक्रवार देर शाम इस पूरे मामले पर स्थिति साफ हो सकती है।

पंजाब में कांग्रेस के 80 विधायक हैं। पार्टी ने मंत्रियों और विधायकों को बुलाने में भी संतुलन बनाने की कोशिश की है। कमेटी ने एक जोन के विधायकों को एक बार में नहीं बुलाया, बल्कि माझा, दोआबा और मालवा के विधायकों को एकसाथ बुलाया, ताकि हरेक जोन का सही फीडबैक कमेटी तक पहुंचे।

दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज में होगी बैठक

इसी के चलते मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी दिल्ली में हाईकमान की ओर से गठित 3 सदस्यीय कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए दिल्ली में गुरुद्वारा रकाबगंज पहुंच गए हैं। उनकी बात सुनने के बाद कमेटी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। कमेटी से मिलने के बाद कैप्टन सोनिया गांधी से मिलेंगे और उन्हें पंजाब कांग्रेस की मौजूदा स्थिति के साथ-साथ आने वाले चुनाव की तैयारियों की रूपरेखा सौंपेंगे।

कांग्रेस में चल रही इस अंतर्कलह को खत्म करने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे, जय प्रकाश अग्रवाल और हरीश रावत की 3 सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में हुई सोमवार को पहले चरण की बैठक में राज्य के पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू समेत 10 विधायक दिल्ली बुलाए गए थे। अगले दिन फिर से बाकी नेताओं के साथ कमेटी ने बात की थी।

पंजाब में कांग्रेस के 80 विधायक हैं। पार्टी ने मंत्रियों और विधायकों को बुलाने में भी संतुलन बनाने की कोशिश की है। कमेटी ने एक जोन के विधायकों को एक बार में नहीं बुलाया, बल्कि माझा, दोआबा और मालवा के विधायकों को एकसाथ बुलाया, ताकि हरेक जोन का सही फीडबैक कमेटी तक पहुंचे।

बेअदबी के मुद्दे पर बिगड़ी बात

2015 के गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना के बाद कोटकपूरा में धरने पर बैठे लोगों पर हुई फायरिंग को लेकर पंजाब सरकार ने SIT बनाई थी। पिछले महीने हाईकोर्ट ने इस SIT और उसकी रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस में खासी खींचतान शुरू हो गई। कांग्रेस के एक धड़े ने यह आरोप लगाया कि एडवोकेट जनरल ने कोर्ट में सही ढंग से केस को पेश नहीं किया, जबकि नवजोत सिंह सिद्धू इस मसले को लेकर लगातार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला बोलते आ रहे हैं।

पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू, राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा, सांसद रवनीत बिट्टू एकजुट हो गए। इसके बाद विधायक परगट सिंह, सुरजीत सिंह धीमान ने भी सरकार की कारगुजारी पर सवाल खड़े किए।

हाल ही में 26 मई को किसान आंदोलन के 6 माह पूरे होने पर एक ओर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसान संगठनों से प्रदर्शन नहीं करने की अपील की थी, वहीं इसके उलट नवजोत सिद्धू ने पटियाला और अमृतसर स्थित अपने घर पर कृषि कानूनों के विरोध में काले झंडे फहराए थे।