भोपाल. राजधानी भोपाल पुलिस (bhopal police) ने आम जनता के लिए पांच ऐसी सेवाएं शुरू की है, जिसके जरिए वो घर बैठे अपनी बात पुलिस तक पहुंचा सकते हैं. यह तमाम सुविधाएं आम जन जीवन से जुड़ी हुई हैं. इसलिए पुलिस ने इन सभी सेवाओं को भोपाल पुलिस की वेबसाइट (website) पर शुरू किया है. भोपाल पुलिस ने अपनी वेबसाइट पर पांच अलग-अलग सुविधाओं के लिए लिंक दिए हैं. इनमें सीनियर सिटीजन केयर, वेकेंट होम केयर, लॉस्ट मोबाइल, किरायेदार वेरिफिकेशन और डॉमेस्टिक हेल्प वेरिफिकेशन सेवा शामिल है. इन सुविधाओं के लिंक पर क्लिक करने से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. इसमें अपनी व्यक्तिगत और दूसरी तमाम जानकारी भरना पड़ता है. रजिस्ट्रेशन होने के बाद व्यक्ति की तमाम जानकारी पुलिस हेड क्वॉर्टर तक पहुंच जाती है. इसके बाद हेड क्वॉर्टर स्तर पर तैनात टीम इस जानकारी के अनुसार स्थानीय पुलिस के स्तर पर सुरक्षा और तमाम सुविधा के संबंध में व्यवस्था करता है.

 

सीनियर सिटीजन केयर सेवा
सीनियर सिटीजन केयर सेवा का लिंक भोपाल पुलिस की वेबसाइट पर दिया है. इस का मकसद घर पर अकेले रहने वाले सीनियर सिटीजन या फिर बीमार रहने वाले सीनियर सिटीजन की सुरक्षा करना है. अभी तक सीनियर सिटीजन केयर सेवा पर 100 से ज्यादा लोग अपना रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं. रजिस्ट्रेशन कराने वाले लोगों की जानकारी थाना स्तर पर उपलब्ध कराई जाती है. इसके बाद थाना स्तर पर पुलिस मौके पर जाकर वेरिफिकेशन करती है. सीनियर सिटीजन से बातचीत करती है और पूरा डाटा तैयार करने के बाद उन्हें अपना सम्पर्क नंबर देती है. उस क्षेत्र का बीट प्रभारी उनकी सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करता है. उसकी जिम्मेदारी रहती है कि यदि सीनियर सिटीजन को किसी तरह की कोई दिक्कत या फिर डर है तो वह उसे दूर करे.

 

वेकेंट होम केयर सेवा...
वेकेंट होम केयर सेवा पुलिस ने इसलिए शुरू की है क्योंकि अमूमन यह देखा गया है कि सुनसान घरों में ज्यादा चोरी होती है. पुलिस ने घरों से दूर जाने वाले लोगों के लिए यह सुविधा शुरू की है. इसके तहत कोई भी व्यक्ति यदि लंबे समय के लिए या कुछ समय के लिए अपने घर से कहीं दूर जाता है तो वह अपने सुनसान घर की जानकारी पुलिस को दे सकता है. इसके लिए उसे भोपाल पुलिस पर की वेबसाइट पर दिए वेकेंट होम केयर सेवा पर क्लिक करना पड़ेगा. वहां पर उसे अपनी पूरी जानकारी भरनी पड़ेगी. रजिस्ट्रेशन होने के बाद पुलिस उस घर की सुरक्षा को सुनिश्चित करेगी.साथ ही यदि घर के आस-पास सीसीटीवी कैमरे लगे हैं तो उसका आईपी एड्रेस भी पुलिस को दिया जा सकता है. इस आईपी एड्रेस के जरिए पुलिस कंट्रोल रूम में बैठकर घर की सुरक्षा कर सकती है. थाना स्तर पर भी पुलिस सुनसान घरों के आसपास पेट्रोलिंग करती है.

 

लॉस्ट मोबाइल सेवा...
भोपाल पुलिस की वेबसाइट पर लॉस्ट मोबाइल सेवा का ऑप्शन भी दिया गया है. यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल गुम हो जाता है या फिर कहीं पर छूट जाता है तो वह तत्काल अपना रजिस्ट्रेशन तमाम जानकारियों के साथ लॉस्ट मोबाइल सेवा के ऑप्शन पर करा सकता है. रजिस्ट्रेशन होने के बाद तमाम जानकारी भोपाल साइबर क्राइम के पास पहुंच जाएगी और वहां पर बैठे कर्मचारी मोबाइल की लोकेशन के आधार पर उसे ढूंढ सकेंगे. इसके अलावा यदि मोबाइल चोरी होता है तो उसकी लोकेशन भी पुलिस की टीम तलाश लेती है. जिस जगह पर मोबाइल चोरी हुआ है उस जगह के थाने में रिपोर्ट भी दर्ज होती है. एक महीने के अंदर पुलिस ने 200 से ज्यादा लोगों को गुम हुए मोबाइल लौटाए हैं. इस सेवा से पुलिस को मदद भी मिल रही है.क्योंकि जो लोग मोबाइल को चोरी करते हैं या फिर किसी तरीके से हासिल करते हैं उनकी जानकारी भी पुलिस के पास रहती है. ऐसे में किसी तरह की आपराधिक घटना में इस जानकारी से पुलिस को बहुत मदद मिलती है.

 

किरायेदार, डॉमेस्टिक हेल्प वेरिफिकेशन सेवा...
भोपाल पुलिस की वेबसाइट पर किरायेदार और डॉमेस्टिक हेल्प टेरिफिकेशन की सेवा भी मुहैया कराई गई है. इस सेवा के जरिए भोपाल में रहने वाला कोई भी व्यक्ति अपने किरायेदार का वेरिफिकेशन ऑनलाइन करा सकता है. इसके लिए उसे किरायेदार वेरिफिकेशन सेवा के ऑप्शन पर क्लिक करना होगा.क्लिक करते ही तमाम जानकारी आ जाएगी. इन जानकारियों को मकान मालिक को भरना पड़ेगा. इसके बाद किरायेदार का वेरिफिकेशन फिजिकल तौर पर स्थानीय पुलिस करेगी.साथ ही उसकी जानकारी पुलिस रिकॉर्ड में भी रखेगी. डॉमेस्टिक हेल्प वेरिफिकेशन की सेवा भी भोपाल पुलिस की वेबसाइट पर है. इस पर क्लिक करने से आम जनता को डॉमेस्टिक हेल्प मिलेगी. इसके लिए भी आम व्यक्ति को भोपाल पुलिस की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है.