भोपाल। ईओडब्ल्यु भोपाल ने रीवा परिक्षेत्र के अंतर्गत जिला उमरिया की तहसील मानपुर के ग्राम पतौर में पदस्थ सहकारिता विभाग के सेल्समेन रामसुवन गुप्ता की आय उसके ज्ञात स्रोतों से 691 प्रतिशत अधिक निकलने पर एफआईआर दर्ज की है।
यह केस ईओडब्ल्यु की रीवा इकाई में पदस्थ उप निरीक्षक सीएल रावत की रिपोर्ट पर दर्ज किया गया है।
मामला वर्ष 2003 से सितम्बर 2019 के बीच का है तथा इसमें भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 13-1-2 एवं आईपीसी की धारा 120 बी लगाई गई है। इस अवधि में आरोपी की ज्ञात स्रोतों से आय 11 लाख 88 हजार 270 रुपये पाई गई जबकि उसने 94 लाख 7 हजार 905 रुपये व्यय किये। इस प्रकार, आरोपी ने 691 प्रतिशत अधिक राशि की सम्पत्ति अर्जित की। 
आरोपी 1992 में 400 रुपये प्रति माह के वेतन पर नियुक्त हुआ था और वर्तमान में पदोन्नति पर प्रभारी प्रबंधक आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सिगुड़ी जिला उमरिया में पदस्थ है। आरोपी ने वर्ष 2003 में कस्बा मानपुर में 1440 वर्गफीट प्लाट 5 लाख 62 हजार 800 रुपये में क्रय किया और 20 लाख 8 हजार 350 रुपये की लागत से मकान का निर्माण कराया। आरोपी ने वर्ष 2014 में कस्बा मानपुर में अपने पुत्र राजकुमार गुप्ता के नाम से 15 लाख 98 हजार रुपये में 390 वर्गफीट का प्लाट क्रय किया। वर्ष 2013 में आरोपी ने अपनी पत्नी द्रोपदी बाई  के नाम से ग्राम तपौर तहसील मानपुर में 1 लाख 70 हजार 750 रुपये में भूमि क्रय की और इसी प्रकार, वर्ष 2016-17 में आरोपी ने अपनी पत्नी द्रोपदी बाई के नाम ग्राम पतौर में तहसील मानपुर में 0.3040 हैक्टेयर भूमि क्रय की जिसकी लागत 3 लाख 24 हजार 702 रुपये बनी। वर्ष 2016 में ग्राम पतौर में आरोपी ने अपने पुत्र राजकुमार गुप्ता के नाम से 4 लाख 32 हजार 580 रुपये में भूमि क्रय की। ग्राम पतौर में आरोपी का पत्नी के नामवाले प्लाट पर 3 हजार वर्गफीट पर दो मंजिला पक्का मकान बना हुआ है तथा 200 वर्गफीट में पक्का मंदिर बनाया हुआ है। इन पर 25 लाख 60 हजार रुपये व्यय होना पाया गया है। 5 लाख रुपये की बाउण्ड्रीवाल एवं एक मकान होना भी पाया गया है। 8 लाख 58 हजार 594 रुपये का एर्टिका वाहन भी वाहन पाया गया है।