नई दिल्ली । भारत कोरोना की दूसरी और घातक लहर के खिलाफ लड़ाई लड़ रहा है। इस बीच तेलगुदेशम पार्टी (टीडीपी) प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ एन 440के स्ट्रेन को लेकर जनता में दहशत पैदा करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। आंध्र प्रदेश के कुरनूल शहर के पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188 और 505 (1) (2) (2) और आपदा प्रबंधन अधिनियम की धारा 54 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कुरनूल शहर के एम सुब्बैया ने नायडू के खिलाफ एक शिकायत दर्ज की है, जिसमें कहा गया है कि उन्होंने कुरनूल के लोगों के बीच यह कहकर भय पैदा किया कि एन440के कोरोना वायरस अभी भी प्रचलित है और अन्य स्ट्रेन की तुलना में काफी घातक है। आंध्र प्रदेश के कुरनूल में परिवहन और सूचना और जनसंपर्क मंत्री पर्णी वेंकटरामैया (पर्णी रानी) ने एन440के वेरिएंट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री के दावों का खंडन किया है। उन्होंने चंद्रबाबू नायडु को कोरोना वायरस से अधिक खतरनाक बताया है। गुरुवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, मंत्री ने कहा था कि राज्य सरकार अपने साधनों से परे चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने के लिए लगातार काम कर रही है। वहीं, चंद्रबाबू नायडू सरकार पर झूठे आरोप लगाकर अफवाह फैला रहे हैं और लोगों को डराकर राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "आंध्र प्रदेश में एन440के  वायरस के प्रसार की कोई पुष्टि नहीं की गई है। वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने भी पुष्टि की है कि बी.1.617 को छोड़कर देश में कोई नया वेरिएंट नहीं है। चंद्रबाबू नायडू सस्ती राजनीति करके इन स्थितियों से लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं।