भोपाल । उपचुनाव के घमासान में कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ रविवार से चुनाव प्रचार तेज करेंगे। कमलनाथ रविवार को छतरपुर जिले के खजुराहो पहुंचेंगे। उसके बाद निवाड़ी जिले की पृथ्वीपुर विधानसभा के जेरोन में सभा लेंगे। इस कार्यक्रम के बाद कमलनाथ मंडल-सेक्टर-बूथ के पदाधिकारियों की बैठक लेंगे और जनसभा को संबोधित करेंगे।20 अक्टूबर तक कमलनाथ की एक के बाद एक सभाएं हैं। कमलनाथ की सक्रियता से कांग्रेस में जोश भर गया है।  खंडवा लोकसभा के साथ ही उपचुनाव वाले तीनों विधानसभा क्षेत्रों में जोरदार तैयारी चल रही है। रविवार को कमलनाथ दिनभर पृथ्वीपुर में रहेंगे। उसके बाद सोमवार को चुनाव प्रचार में खंडवा क्षेेत्र में कमलनाथ की चार सभाएं रखी गई हैं। विशेष तौर पर मांधाता और बागली विधानसभा में वे सभाएं लेने पहुंचेंगे।


खंडवा पर मुख्य फोकस
कांग्रेस के पास स्टार प्रचारकों में केवल अभी कमलनाथ ही मैदान में नजर आ रहे हैं। वे एक बार खंडवा का दौरा कर चुके हैं, लेकिन उसमें भी केवल सभा रखी गई थी। अब दूसरी बार वे 18 अक्टूबर को फिर खंडवा लोकसभा में कांग्रेस प्रत्याशी राजनारायण पुरणी के पक्ष में प्रचार करने पहुंचेंगे। इस दिन सुबह साढ़े 11 बजे वे बुरहानपुर जिले के नेपानगर के धूलकोट पहुंचेंगे। यहां से वे मांधाता विधानसभा के पुनासा पहुंचेंगे, जहां सभा रखी गई है। दूसरे दिन 19 अक्टूबर को वे सतना विधानसभा के दौरे पर रहेंगे। उसके बाद 20 तारीख को फिर खंडवा आएंगे और बागली विधानसभा के पूंजापुरा में सभा लेंगे। इसके बाद फिर दोपहर सवा 1 बजे पंधाना विधानसभा में एक सभा रखी गई है। फिलहाल दो दिन में उनकी चार सभाएं रखी गई हैं और इन सभाओं के माध्यम से कांग्रेस अपने पक्ष में माहौल खड़ा करना चाह रही है। फिलहाल तो कमलनाथ ही कांग्रेस के स्टार प्रचारक के रूप में नजर आ रहे हैं, क्योंकि कांग्रेस ने पहले से ही सभी पूर्व मंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्र के हिसाब से अलग-अलग विधानसभा की जवाबदारी दे रखी है।


कांग्रेस ने हिंदुत्व के मुद्दे को बनाया हथियार
कांग्रेस भी भाजपा को टक्कर देने के लिए हिंदुत्व के मुद्दे को हथियार बना रही है। उसने उपचुनाव में बंटवाने के लिए श्रीराम लेखन की पुस्तिका छपवाई है। इसमें भगवान राम के साथ ही कांग्रेस नेताओं की फोटो छपी हैं, जिसके जरिए हिंदू वोटों की लॉबिंग की जाएगी। इंदौर संभाग की खंडवा लोकसभा और जोबट विधानसभा सीट समेत चार सीटों पर हो रहे उपचुनाव में जैसे जैसे मतदान की तारीख नजदीक आती जा रही है वैसे वैसे भाजपा और कांग्रेस के बीच चुनावी घमासान तेज होता जा रहा है। कांग्रेस उपचुनाव में राम के सहारे नैया पार लगाने की जुगत में लग गई है। यही वजह है कि चुनाव वाले क्षेत्रों में श्रीराम लेखन की पुस्तिकाएं बंटवाने जा रही है।


अयोध्या की फ्री में सैर
इस एक पुस्तक में 11 हजार बार राम का नाम लिखना होगा। जो लोग इसमें राम नाम लिखेंगे उन्हें अयोध्या की फ्री में सैर कराई जाएगी। इस पुस्तक पर भगवान राम के साथ कांग्रेस नेताओं की फोटो छपी हैं। इस पुस्तक को बांटने वाले कांग्रेस के प्रदेश सचिव विवेक खंडेलवाल का कहना है भाजपा सिर्फ वोट के लिए राम के नाम का उपयोग करती है, लेकिन असल राम राज्य तो कांग्रेस सरकार ही लाएगी। राम मंदिर की बात करने वाली भाजपा को भी मालूम है कि राम मंदिर का ताला स्वर्गीय राजीव गांधी ने ही खुलवाया था। इस पुस्तक को आम लोगों तक पहुंचाया जाएगा और उन्हें बताया जाएगा कि राम के नाम पर कांग्रेस वोट नहीं मांगती है बल्कि प्रभु श्रीराम के सुशासन को लागू करने का काम भी करती है।