नई दिल्ली प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को दिल्ली में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की जमाखोरी और कालाबाजारी के आरोप में गिरफ्तार कारोबारी नवनीत कालरा और साथियों के कई परिसरों में छापेमारी की।

अधिकारियों ने कहा कि दिल्ली-एनसीआर में कालरा के घर और मैट्रिक्स सेल्युलर के ऑफिस समेत नौ जगहों पर छापेमारी की जा रही है। ईडी ने कालरा के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ईडी ने बताया कि दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईसीआईआर फाइल की गई है।

कालरा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और वकीलों के माध्यम से दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत पाने की कोशिश कर रहा है। दिल्ली पुलिस ने उसे बीते रविवार को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया था। 


कालरा और उसके सहयोगियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में रुपयों के लेन-देन की जांच कर रहा है। ईडी यह जांच कर रही है कि क्या ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को अवैध रूप से जमा किया गया और कोरोना मरीजों के परिजनों को ऊंची कीमतों पर इसे बेचा गया। 

ईडी की मनी लॉन्ड्रिंग जांच दिल्ली पुलिस की एफआईआर पर आधारित है, जिसमें यह आरोप लगाया गया है कि कालरा 14,000 से 15,000 रुपयों में खरीदे गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को 70,000 रुपये से 75,000 रुपयों में बेच रहा था।

केंद्रीय एजेंसी ने पहले ही दिल्ली पुलिस से संबंधित दस्तावेज ले लिए हैं और जल्द ही कालरा की हिरासत लेने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा सकती है। बता दें कि अगर यह साबित हो जाता है कि अभियुक्त द्वारा अर्जित किया गया धन गलत ढंग से कमाया गया है तो केंद्रीय जांच एजेंसी के पास संपत्ति कुर्क करने का भी अधिकार है। 

गौरतलब है कि कोरोना काल में 7 मई को दिल्ली पुलिस द्वारा की गई छापेमारी के दौरान दक्षिणी दिल्ली के खान मार्केट स्थित नवनीत कालरा के तीन रेस्टोरेंट्स- खान चाचा, टाउन हॉल और नेगा एंड जू और मैट्रिक्स सेल्युलर के ऑफिस से 524 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की बरामदगी के बाद से पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।