मुंबई । भूषण पावर एंड स्टील के बहुलांश कर्जदाताओं ने जेएसडब्ल्यू स्टील के प्रस्ताव के पक्ष में मत दिया है। इसके साथ ही करीब साढ़े तीन साल से अटके भूषण पावर की दिवालिया प्रक्रिया के समाधान का रास्ता साफ हो गया है। कर्जदाताओं ने समाधान योजना के अनुसार भुगतान प्रस्ताव के पक्ष में मत दिया है, साथ ही इस पर भी सहमति जताई है कि अगर उच्चतम न्यायालय से इस मामले में प्रतिकूल निर्णय आता है तो भुगतान की गई रा‎शि वापस कर दी जाएगी। जानकार सूत्रों ने कहा ‎कि 97 फीसदी कर्जदाताओं ने सौदे के प्रस्ताव के पक्ष में मत दिया है। इस प्रक्रिया को 31 मार्च तक पूरा करने का प्रयास है। सौदा करीब 19,350 करोड़ रुपए में होगा और वित्तीय लेनदारों को 47,158 करोड़ रुपए के दावे में से 41.03 फीसदी प्राप्त होगा। कंसोर्टियम में विदेशी बैंकों, परिसंपत्ति पुनर्गठन कंपनियों और फंडों सहित करीब 25 वित्तीय लेनदार हैं। कर्जदाताओं को भुगतान करने के साथ ही जेएसडब्ल्यू स्टील कंपनी की संपत्तियों को अपने कब्जे में ले सकती है। भूषण पावर की सालाना क्षमता 27.9 लाख टन उत्पादन की है। जेएसडब्ल्यू स्टील की वर्तमान क्षमता 1.8 करोड़ टन है जबकि 2.06 करोड़ टन स्थापित क्षमता के साथ टाटा स्टील सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनी है। इस अधिग्रहण से जेएसडब्ल्यू देश के पूर्वी बाजार में अपनी पहुंच बढ़ाने में सक्षम होगी।