क्या आपने बच्चों से घर का काम करवाने के लिए उन्हें कभी पैसों का लालच दिया है? क्या आपको ऐसा लगता है कि अगर बच्चों को रिश्वत का लालच दिया जाए तो वे अच्छा काम करेंगे? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनपर पैरंट्स के साथ-अन्य लोगों की भी राय अलग-अलग है। सर्वे में 81.5 फीसदी पैरंट्स ने कहा कि वे घर काम करवाने के लिए अपने बच्चों को रिश्वत बिल्कुल नहीं देंगे, वहीं 18.5 फीसदी माता-पिता ऐसे भी थे जिन्होंने माना कि घर का काम करवाने के लिए बच्चों को रिश्वत देने में कोई बुराई नहीं है। जरूरत पड़ी तो वे बच्चों को रिश्वत देंगे। 
एक अभिभावक ने कहा कि रोजमर्रा के काम आदत में शुमार होने जरूरी हैं। यह कोई स्पेशल प्रदर्शन नहीं है जिसके लिए भुगतान किया जाना जरूरी हो। बेटी को रिश्वत देने के बजाय मैं उसे थैंक्यू कहना ज्यादा पसंद करुंगी। उसे घर का जिम्मेदार और परोपकारी मेंबर बनना सीखना होगा। मैं अपनी बेटी को सिखाना चाहती हूं कि कड़ी मेहनत और दूसरों की मदद करने के उपकार को हमेशा पैसे से नहीं आंका जा सकता।' 
वहीं मनोवैज्ञानिकों के अनुसार , 'बच्चों से घर का काम करवाने के लिए उन्हें रिश्वत देना सही नहीं है। हमें बच्चों को सिखाना होगा कि रोजमर्रा के काम, जैसे कि अपना कमरा ठीक करना, बेडशीट सही तरह से बिछाना आदि उन्हीं के काम हैं, किसी और के नहीं। उन्हें रोजमर्रा के काम करने के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए उनकी तारीफ की जा सकती है। साथ ही बच्चों के उन दोस्तों के उदाहरण दिए जा सकते हैं जो घर के कामों में मदद करते हैं।'
ऐसा इसलिए क्योंकि मैं बिल्कुल नहीं चाहती कि वह आगे चलकर सिर्फ पैसों के ही पीछे भागे। इसके अलावा मैं नहीं चाहती कि मेरा बच्चा रोजमर्रा के कामों को एक सफलता के तौर पर ले। बल्कि वह यह समझे कि इन कामों को करना हमारी जरूरत है। मेरा अगर बेटा होता तब भी मेरी यही सोच होती।
वहीं कुछ ऐसे पैरंट्स भी हैं जो घर के काम करने के लिए अपने बच्चों को पैसे देते हैं। उन्हीं में से एक ने कहा , 'मैं बच्चों से घर का काम कराने के लिए उन्हें रिश्वत देने के पक्ष में हूं और मैं जरूर दूंगी। ऐसा करने से वे अपनी लाइफ में जल्द ही पैसे को मैनेज करना और खर्च करना सीख जाएंगे। इसके अलावा मुझे यह भी लगता है बच्चों के पीछे भागे बिना उनसे काम करना का यह सही तरीका है।'
इस सर्वे से एक बात सामने आई कि घर के काम कराने के लिए और पैसों की वैल्यू समझाने के लिए बच्चों को पैसे देने में कोई बुराई नहीं है। लेकिन यह फॉर्म्युला हर फैमिली पर काम नहीं करेगा। हर फैमिली अलग होती है। जरूरी नहीं कि पे करना हर फैमिली या पैरंट के बस में हो। अगर आप घर का काम करवाने के लिए अपने बच्चों को पैसे देते हैं तो इस बात का पूरा ध्यान रखें कि वे पैसों की अहमियत को समझें। ऐसा करने के लिए आप पैसों को तीन हिस्सों में बांट सकते हैं। एक हिस्सा खर्च करने के लिए, दूसरा हिस्सा सेविंग के लिए और तीसरा हिस्सा डोनेट करने के लिए। इस तरीके से आपका बच्चा एक तो खर्च करना सीख जाएगा। साथ ही वह पैसे बचाना और दूसरों की मदद करना भी सीख जाएगा।