नई दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में अनलॉक-3 को लेकर केजरीवाल सरकार और उपराज्यपाल अनिल बैजल एक बार फिर से आमने-सामने आ गए हैं. शुक्रवार को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने केजरीवाल सरकार के अनलॉक-3 के दो अहम फैसले खारिज कर दिए हैं.
केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में होटल खोलने और ट्रायल बेसिस पर एक हफ्ते के लिए साप्ताहिक बाजार खोलने की अनुमति दी थी. अब उपराज्यपाल अनिल बैजल ने केजरीवाल सरकार के इन दोनों फैसलों को खारिज कर दिया है.
आपको बता दें कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने गुरुवार को एक अगस्त से शुरू हो रहे अनलॉक-3 में नाइट कर्फ्यू को खत्म करने का ऐलान किया था. साथ केजरीवाल सरकार ने होटलों को खोलने की भी इजाजत दी गई थी. इससे पहले केंद्र सरकार की अनुमति के बावजूद दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने इनको खोलने की इजाजत नहीं दी थी.
वहीं, उपराज्यपाल के फैसले पर आम आदमी पार्टी ने प्रतिक्रिया दी है. आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता राघव चड्ढा ने कहा कि अब केंद्र सरकार दिल्ली सरकार के अधिकार में दखल देना बंद करे. उन्होंने कहा, 'केंद्र को दिल्ली सरकार को दुख देकर और दिल्ली सरकार को पीड़ा देकर सुख का अनुभव होता है. चुनी हुई दिल्ली सरकार के कामकाज में केंद्र दखल देना बंद करे.'
इससे पहले उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सीएम केजरीवाल के उस फैसले को खारिज किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के कोरोना मरीजों का इलाज होगा. उपराज्यपाल ने संबंधित विभागों और प्रशासन को निर्देश दिया था कि दूसरे राज्य के किसी भी व्यक्ति को इलाज से मना न किया जाए.
उस समय केजरीवाल सरकार के फैसले को पलटने पर दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर और कुमार विश्वास ने उपराज्यपाल की सराहना की थी. गौतम गंभीर ने ट्वीट किया था, 'दिल्ली सरकार द्वारा अन्य राज्यों के मरीजों का इलाज नहीं करने के मूर्खतापूर्ण आदेश को खत्म करने के लिए उपराज्यपाल द्वारा उत्कृष्ट कदम. भारत एक है और हमें मिलकर इस महामारी से लड़ना है. इंडिया फाइट अगेंस्ट कोरोना.'
वहीं, दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता चला जा रहा है. दिल्ली में अब तक एक लाख 34 हजार 402 से ज्यादा लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके हैं. इनमें से 3936 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक लाख 19 हजार 723 से ज्यादा लोग इलाज से ठीक हो चुके हैं.