हुर्रियत का साथ छोड़ चुके 11 संगठन, अलगाववाद से किया किनारा
गृहमंत्री शाह बोले- यह कदम भारत के संविधान में लोगों का विश्वास है
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को तीन बड़े संगठनों ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस से नाता तोड़ दिया है। इसकी जानकारी खुद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर दी। उन्होंने कहा कि यह कदम भारत के संविधान में लोगों के विश्वास को दर्शाता है। शाह ने कहा कि पीएम मोदी का एकजुट और शक्तिशाली भारत का सपना आज और भी मजबूत हो गया है, क्योंकि अब तक 11 ऐसे संगठनों ने अलगाववाद को त्याग दिया है।
गृह मंत्री शाह ने एक्स पर लिखा कि जम्मू कश्मीर इस्लामिक पॉलिटिकल पार्टी, जम्मू कश्मीर मुस्लिम डेमोक्रेटिक लीग और कश्मीर फ्रीडम फ्रंट जैसे तीन और संगठनों ने हुर्रियत से खुद को अलग कर लिया है। यह घाटी के लोगों में भारत के संविधान के प्रति विश्वास का एक प्रमुख प्रदर्शन है। उन्होंने पीएम की तारीफ करते हुए लिखा कि मोदीजी का एकजुट और शक्तिशाली भारत का सपना आज और भी मजबूत हो गया है, क्योंकि अब तक 11 ऐसे संगठनों ने अलगाववाद को त्याग दिया है और इसके लिए अटूट समर्थन की घोषणा की है।
इससे पहले हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के दो संगठनों जम्मू और कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट (जेकेपीएम) और डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट ने अलगाववाद से सभी संबंध तोड़ने की घोषणा की थी। बता दें इन दिनों गृह मंत्री अमित शाह जम्मू-कश्मीर के दौरे पर हैं। उन्होंने शहीद डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट के पिता से मुलाकात की। शाह ने इस मुलाकात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं मुजम्मिल भट ने 2023 में जम्मू-कश्मीर के कोकरनाग में आतंकवादियों के खिलाफ एक ऑपरेशन में सर्वोच्च बलिदान देकर वीरता और देशभक्ति की अमर मिसाल कायम की है। आज श्रीनगर में शहीद के परिवार से मुलाकात की और अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त कीं।

महिला एशियन चैंपियनशिप की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग नाथुबरखेड़ा अंतरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स का किया निरीक्षण
समान नागरिक संहिता को व्यापक जनसमर्थन
माँ चन्द्रहासिनी आरोग्य धाम बनेगा जनसेवा का नया केंद्र : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
धमतरी जिले में 200 एकड़ से बढ़ाकर 600 एकड़ तक औषधीय खेती के विस्तार का लक्ष्य
मध्यप्रदेश पुलिस की साइबर अपराधियों पर लगातार कार्रवाई