अमेरिका ने छिपकर यूक्रेन को दीं लंबी दूरी की मिसाइलें
वाशिंगटन । रूस-यूक्रेन जंग के बीच अमेरिका ने छिपकर यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइलें दी हैं। अमेरिका रक्षा विभाग पेंटागन ने बताया कि उसने यूक्रेन को एटीएसीएमएस की 12 मिसाइलें दी थीं। अमेरिका मीडिया के मुताबिक, राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पहले यूक्रेन को एटीएसीएमएस मिसाइल देने से मना कर दिया था। बाद में फरवरी के महीने में अमेरिकी राष्ट्रपति ने मिसाइल देने की मंजूरी दे दी। हालांकि, तब इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। पेंटागन के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल गैरन गार्न ने बताया कि यूक्रेन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसकी जानकारी छिपाई गई।
मिसाइल देने के बाद इस डिलीवरी को 12 मार्च के सहायता पैकेज में शामिल कर दिया गया था। अप्रैल महीने की शुरुआत में एटीएसीएमएस मिसाइल यूक्रेन पहुंच गईं। इसकी रेंज 300 किलोमीटर है, यानी अगर जंग में इसका इस्तेमाल होता है तो यह रूस में 300 किमी अंदर तक अटैक कर सकती है।
एक साल में 500 एटीएसीएमएस मिसाइल बन रहीं
मिसाइलें जितनी ताकतवर होती हैं, उन्हें बनाने में उतनी ही मेहनत और समय लगता है। एटीएसीएमएस को बनाने वाली कंपनी लॉकहीड मार्टिन एक साल में 500 मिसाइलों का प्रोडक्शन करती है। यूक्रेन को मिसाइल देने से पहले अमेरिका ने कंपनी से ज्यादा से ज्यादा मिसाइलें खरीदीं, ताकी अमेरिका के जखीरे में इनकी कमी न हो। दरअसल, अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक रूस ने इस साल की शुरुआत में उत्तर कोरिया से बैलिस्टिक मिसाइल खरीदी थी और मार्च में इससे यूक्रेन के रिहाइशी इलाकों पर हमला किया। इसके बाद ही बाइडेन ने यूक्रेन को लंबी दूरी की मिसाइल देने पर सहमति जताई। पेंटागन ने बताया कि अमेरिका ने एटीएसीएमएस मिसाइल देते समय सभी नियमों का पालन किया है। वहीं बाइडेन ने बुधवार को यूक्रेन को 5 लाख करोड़ रुपए के सहायता पैकेज से जुड़े बिल पर साइन किया। पेंटागन के मुताबिक, इस पैकेज में भी यूक्रेन को एटीएसीएमएस मिसाइलें देने की बात कही गई है। इससे पहले अमेरिका ने पिछले साल नवंबर में यूक्रेन को कम दूरी वाली एटीएसीएमएस मिसाइल दी थी। इसकी रेंज 160 किमी थी।
तीसरे साल में रूस-यूक्रेन युद्ध
रूस और यूक्रेन का युद्ध अपने तीसरे साल में पहुंच गया है। यूक्रेन के हथियार और सैनिक दिन पर दिन कम होते जा रहे हैं। यूक्रेन-रूस जंग में अब तक 50 हजार से ज्यादा रूसी सैनिकों की मौत हुई है। वहीं यूक्रेन ने जंग के दूसरे साल में 27 हजार 300 रूसी सैनिकों को गंवाया है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि मरने वालों का आंकड़ा बढ़ा हो सकता है। इससे पहले फरवरी में राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की भी यूक्रेनी सैनिकों की मौत का आंकड़ा बता चुके हैं। जेलेंस्की के मुताबिक युद्ध में अब तक सिर्फ 31 हजार यूक्रेनी सैनिकों ने जान गंवाई है। हालांकि अमेरिकी खुफिया जानकारी के मुताबिक यूक्रेन के 70 हजार से ज्यादा सैनिकों की मौत हुई हैं।

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