Katni में अवैध तंबाकू कारोबार पर कार्रवाई, विदेशी सिगरेट बरामद
कटनी। पुलिस ने एक बड़े नकली बीड़ी कारोबार का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली पुलिस ने वेस्ट बंगाल की प्रतिष्ठित बीड़ी निर्माता अंजली ट्रेडिंग कंपनी के कानूनी सलाहकार की मौजूदगी में शहर के कई थोक व्यापारियों की दुकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस सघन कार्रवाई के दौरान, कंपनी के प्रसिद्ध ‘कैलकुलेटर’ ब्रांड के नाम पर बेची जा रही नकली बीड़ी की एक बहुत बड़ी खेप जब्त की गई है। यह सिर्फ नकली बीड़ी तक सीमित नहीं रहा, पुलिस को छापेमारी में इंडोनेशिया में बिकने वाली प्रतिबंधित ब्लैक सिगरेट के पैकेट भी बड़ी संख्या में मिले हैं, जिनकी भारत में खरीद-बिक्री पूरी तरह से गैरकानूनी है। इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस अब इस पूरे अवैध नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
अंजली ट्रेडिंग कंपनी के कानूनी सलाहकार कुनाक कुमार घोष ने इस पूरे मामले की जानकारी मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि उनकी कंपनी ‘कैलकुलेटर’ नाम से गुणवत्तापूर्ण बीड़ी का उत्पादन करती है, लेकिन कटनी जिले में कुछ असामाजिक तत्व उनके ब्रांड नाम और विशिष्ट मोनोग्राम का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। ये लोग नकली बीड़ी बनाकर उसे कंपनी के असली उत्पाद के रूप में बाजार में बेच रहे थे, जिससे न केवल कंपनी को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और भरोसे के साथ भी खिलवाड़ किया जा रहा था। नकली उत्पादों की गुणवत्ता बेहद खराब होती है और वे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकते हैं। घोष ने आगे बताया कि इस तरह के नकली कारोबार पर लगाम कसने के लिए कंपनी ने पहले भी कानूनी लड़ाई लड़ी है। जबलपुर और दिल्ली हाईकोर्ट जैसे शीर्ष अदालतों ने ऐसे अवैध धंधों पर तत्काल रोक लगाने और इसमें शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त एफआईआर दर्ज करने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। इन कड़े न्यायिक निर्देशों के बावजूद, कटनी में नकली बीड़ी का यह गोरखधंधा धड़ल्ले से जारी था। यह साफ तौर पर दर्शाता है कि इस अवैध कारोबार को स्थानीय स्तर पर कितनी मजबूती से पाला-पोसा जा रहा था और कानून के निर्देशों को किस हद तक अनदेखा किया जा रहा था। कंपनी को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उनके ब्रांड का दुरुपयोग हो रहा है और नकली उत्पाद बड़े पैमाने पर कटनी के बाजारों में बिक रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई के दिए निर्देश
इन लगातार मिल रही शिकायतों और हाईकोर्ट के निर्देशों की अवहेलना को देखते हुए, कुनाक कुमार घोष खुद कटनी पहुंचे। उन्होंने कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिनव विश्वकर्मा से संपर्क किया और पूरे मामले की गंभीरता से अवगत कराया। एसपी अभिनव विश्वकर्मा ने मामले की संवेदनशीलता को समझते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कोतवाली पुलिस ने अंजली ट्रेडिंग कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर शहर के विभिन्न इलाकों में मौजूद कई दुकानों और थोक विक्रेताओं के ठिकानों पर योजनाबद्ध तरीके से एक साथ छापा मारा। पुलिस टीम को इस कार्रवाई के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया था, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या सबूत मिटाने की कोशिश को रोका जा सके।
छापेमारी के दौरान जो दृश्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। दुकानों और उनसे जुड़े गोदामों में ‘कैलकुलेटर’ ब्रांड की नकली बीड़ी का अंबार लगा हुआ था। यह स्टॉक इतना विशाल था कि इसे जब्त करने और सूचीबद्ध करने में पुलिस टीम को काफी समय लगा। ये नकली बीड़ी अक्सर असुरक्षित और सस्ती सामग्री से बनाई जाती हैं, जिनमें खतरनाक रसायन भी हो सकते हैं। इनके सेवन से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर गंभीर दुष्प्रभाव पड़ सकते हैं। इस बड़े पैमाने के अवैध कारोबार से न सिर्फ अंजली ट्रेडिंग कंपनी की बाजार में साख को गहरा धक्का लग रहा था, बल्कि सरकार को भी करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा था क्योंकि इन उत्पादों पर कोई कर नहीं चुकाया जा रहा था।
प्रतिबंधित ब्लैक सिगरेट के पैकेट भी बरामद
इस छापेमारी में नकली बीड़ी के अलावा एक और गंभीर खुलासा हुआ। पुलिस को कुछ दुकानों से इंडोनेशिया में निर्मित प्रतिबंधित ब्लैक सिगरेट के पैकेट भी बड़ी संख्या में बरामद हुए। भारत में विदेशी सिगरेट के आयात और बिक्री के लिए सख्त नियम-कानून हैं। बिना उचित परमिट, स्वास्थ्य चेतावनियों के नियमों का पालन किए और भारी कर चुकाए बिना इनकी बिक्री पूरी तरह अवैध है। ये सिगरेट आमतौर पर अंतरराष्ट्रीय तस्करों द्वारा सीमा पार से देश में लाई जाती हैं। इन प्रतिबंधित सिगरेट का मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि कटनी में चल रहे नकली बीड़ी के कारोबार के तार किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय तस्करी रैकेट से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस अब इन प्रतिबंधित सिगरेट की पूरी आपूर्ति श्रृंखला, इनके स्रोत और इन्हें बाजार तक पहुंचाने वाले गिरोह की गहराई से जांच कर रही है।
पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कॉपीराइट उल्लंघन और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि वे इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रहे हैं, जिसमें नकली बीड़ी बनाने वाली अवैध यूनिटों से लेकर इन्हें कटनी तक पहुंचाने वाले वितरक और फिर इन्हें ग्राहकों तक बेचने वाले खुदरा विक्रेता तक शामिल हैं। साथ ही, प्रतिबंधित सिगरेट की खेप कहां से आ रही थी और कौन लोग इसे भारत में बेच रहे थे, इसकी भी पड़ताल की जा रही है। इस बड़ी कार्रवाई से नकली उत्पादों और तस्करी के कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है। पुलिस का मानना है कि इस भंडाफोड़ से आने वाले समय में ऐसे अवैध धंधों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी। आगे की कार्रवाई और इसमें शामिल प्रमुख सरगनाओं की गिरफ्तारियां जल्द होने की संभावना है।

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