निजी क्लीनिक पर प्रैक्टिस करते पाए गए चार डॉक्टरों
सिविल अस्पताल सबलगढ़ के चार डाक्टर तहसीलदार द्वारा कराए गए गोपनीय निरीक्षण में अपनी ड्यूटी के समय में अपने घर पर मरीजों का इलाज करते हुए मिले। यह गोपनीय निरीक्षण कलेक्टर के आदेश पर कराया गया, जिसकी वीडियोग्राफी तक कराई गई। इस मामले में अब सीएमएचओ डा. राकेश शर्मा ने चारों डाक्टरों को नोटिस जारी कर तीन-तीन दिन का वेतन काटने की कार्रवाई की है।
उल्लेखनीय है कि सिविल अस्पताल में पदस्थ डाक्टरों के ओपीडी में समय पर न बैठने की लगातार शिकायतें आ रहीं थी। इसको लेकर अस्पताल के वाट्सएप ग्रुपों तक मरीजों ने फोटो खींचकर डलवाए थे, लेकिन डाक्टरों के अस्पताल आने का ढर्रा नहीं बदल रहा था। मरीज ओपीडी में एक से दो घंटे तक डाक्टरों के आने का इंतजार करते रहते थे। कलेक्टर ने अस्पताल के ढर्रे में सुधार लाने के लिए तहसीलदार सबलगढ़ को गोपनीय निरीक्षण कराने के आदेश दिए। जिस पर तहसीलदार ने ओपीडी के समय में गत 27 अप्रैल को डाक्टरों के घर बने क्लीनिकों की वीडियोग्राफी कराई। जिसमें
डा. राजेश शर्मा निजी क्लीनिक मंडी संतर न. चार सबलगढ़, डा. रेवानंद शर्मा अपने निजी क्लीनिक एमएस रोड आफीसर कालोनी सबलगढ़, डा. देवेन्द्र रावत निजी विलीनिक सिविल अस्पताल के सामने एवं डा. केके डंडौतिया निजी क्लीनिक देवी मंदिर के पास सबलगढ़ पर मरीजों का उपचार करते हुए मिले। जिसकी वीडियो रिकाडिंग एवं साक्ष्य मौजूद थे। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. राकेश शर्मा नेक इन सभी मेडिकल आफिसरों को कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए तीन-तीन दिन का वेतन काटने की कार्यवाही की है।

असम में ‘मिया’ मुसलमानों को लेकर क्यों तेज हुई सियासी मुहिम? विवादित वीडियो से बढ़ा राजनीतिक टकराव
जनसंपर्क अधिकारी पर दबाव और झूठे आरोपों का मामला: रॉयल प्रेस क्लब ने एमपी नगर थाने में दी शिकायत
वाराणसी कचहरी में बम धमकी से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
कुक स्ट्रेट फतह करने वाले पहले एशियन पैरास्विमर बने सतेंद्र, 9 घंटे 22 मिनट में रचा इतिहास
राज्यसभा में कांग्रेस के भीतर तकरार, खरगे और जयराम रमेश के बीच तीखी बहस