लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक पीएम की मांग
मप्र में पिछली बार के चुनाव प्रचार की बराबरी की मोदी ने
भोपाल। मप्र में मंगलवार को तीसरे चरण का मतदान हुआ। वहीं चौथे चरण का प्रचार चरम पर है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को धार एवं खरगोन में सभा और रैली की। इसके साथ ही पीएम 2019 में मप्र के किए गए अपने चुनाव चुनाव प्रचार की बराबरी कर ली। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे बड़े स्टार प्रचारक हैं। उनकी डिमांड हर भाजपा और एनडीए प्रत्याशी कर रहा है। भाजपा नेताओं का मानना है कि 2019 में पीएम मोदी ने मप्र में जमकर चुनाव प्रचार किया था, इस कारण पार्टी 28 सीटें जीती थी।
गौरतलब है कि इस बार भाजपा ने अबकी बार 400 पार का नारा दिया है। इसी के तहत भाजपा ने प्रदेश की सभी 29 सीटें जीतने की रणनीति बनाई है। इस रणनीति के तहत भाजपा के स्टार प्रचारकों ने प्रदेश में अपना पूरा दमखम लगाया है। अब प्रदेश में चौथे चरण में 13 मई को मालवा और निमाड़ की आठ सीटों पर होना है। इसी चौथे चरण के मतदान वाली सीटों पर प्रचार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को धार एवं खरगोन पहुंचे थे। पीएम मोदी इन दो दौरों के बाद इस बार के चुनाव में पिछले लोकसभा चुनाव के समय किए गए अपने दौरे की बराबरी कर ली।
पुराने रिकॉर्ड की बराबरी

वर्ष 2019 में प्रधानमंत्री ने 26 अप्रैल को सीधी, जबलपुर, 01 मई को इटारसी, 05 मई को सागर, ग्वालियर, 12 मई को खंडवा के छैगाव माखन, इंदौर सभा रोड शो, 13 मई को रतलाम एवं 17 मई को खरगौन, इंदौर-रोड शो किया था। इसके बाद प्रदेश की 28 सीटों पर भाजपा को प्रचंड विजय प्राप्त हुई थी। इसलिए प्रदेश में इस बार भी मोदी की अधिक डिमांड है। यूं तो भाजपा के स्टार प्रचारकों की सूची में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय गृहमंत्री अमितद शाह, उत्तप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, स्मृति ईरानी जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके बाद भी मध्यप्रदेश में सबसे अधिक मांग प्रधानमंत्री की रही है। इसी के चलते भाजपा ने अपनी रणनीति के तहत प्रत्येक चरण के चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में पीएम मोदी के दौरे के माध्यम से जनसभा एवं रोड शो के कार्यक्रम तय किए हैं। इन तय कार्यक्रमों के कारण पीएम मोदी ने अपने पुराने रिकार्ड की बराबरी कर ली है। प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा चुनाव का ऐलान होने के बाद 07 अप्रैल जबलपुर में रोड-शो, 09 अप्रैल को बालाघाट में जनसभा, 14 अप्रैल नर्मदापुरम जिले के पिपरिया में जनसभा, 19 अप्रैल दमोह में जनसभा, 24 अप्रैल को सागर, हरदा में जनसभा एवं भोपाल में रोड शो, 25 अप्रैल को मुरैना में जनसभा की। इसके बाद अब मंगलवार को धार एवं खरगौन में जनसभा की। इस बार भाजपा ने सभी 29 सीटों पर विजयश्री का लक्ष्य रखा है। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2019 एवं 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश की छिंदवाड़ा सीट पर एक भी दौरा नहीं किया है।
एक महीने में ये 7वां दौरा
लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण की वोटिंग के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को मध्यप्रदेश दौरे पर रहे। पीएम मोदी का इस लोकसभा चुनाव में एक महीने के अंदर एमपी का ये 7वां दौरा था। मंगलवार को मालवांचल में भी खरगोन और धार लोकसभा सीट में जनसभा की। इन दोनों लोकसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली आठ-आठ विधानसभा सीटों में कांग्रेस दोनों जगह पांच-पांच सीट जीती थी, इसलिए इन दोनों सीटों पर प्रधानमंत्री प्रचार के लिए आ रहे हैं। दोनों सीटें आदिवासी बहुल हैं। हालांकि, इन दोनों सीटों पर सभा कर मोदी पूरे मालवांचल को साधने की कोशिश करेंगे। इसके पहले प्रदेश में तीनों चरणों में वह जनसभा और दो रोड-शो कर चुके हैं। इस अंचल में विधानसभा की 66 सीटें हैं, इनमें 22 आदिवासी वर्ग के लिए सुरक्षित हैं। भाजपा की चिंता इस कारण भी है कि विधानसभा चुनाव में इन 22 सीटों में भाजपा नौ, कांग्रेस 12 और एक सीट भारत आदिवासी पार्टी ने जीती थी। तब भी प्रधानमंत्री ने प्रदेश की कुल 14 में से छह जनसभाएं और एक रोड-शो मालवांचल में किया था। इस कारण भाजपा का बहुत अधिक ध्यान आदिवासी वर्ग की सीटों को साधने पर है। दरअसल, इस अंचल के आदिवासियों में जय युवा आदिवासी शक्ति संगठन (जयस) का भी प्रभाव है, जो कांग्रेस के साथ है। रतलाम की सैलाना सहित अन्य आदिवासी सीटों पर भारत आदिवासी पार्टी भी असर डाल रही है।

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