कैलाश विजयवर्गीय के बयान से मचा हड़कंप, बयान पर बढ़ा विवाद
इंदौर। मध्य प्रदेश सरकार के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार को शहर के राजनगर इलाके में आयोजित विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की नीतियों में किसी भी वर्ग के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जाता है और प्रशासन सभी नागरिकों के कल्याण के लिए समान रूप से प्रतिबद्ध है।
इस कार्यक्रम के मुख्य संदेश और घटनाक्रम को निम्नलिखित तीन प्रमुख बिंदुओं के तहत समझा जा सकता है:
बिना भेदभाव विकास कार्यों की प्रतिबद्धता
राजनगर बड़ा कुआं से धार रोड तक करीब 1.25 करोड़ रुपये की लागत से नवनिर्मित सड़क का लोकार्पण करते हुए नगरीय प्रशासन मंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदायों के लोग मिल-जुलकर रहते हैं। उन्होंने एक टिप्पणी में कहा कि यदि कुछ लोग उन्हें 'काफिर' कहते हैं, तो उन्हें यह भी सोचना चाहिए कि जिन सड़कों और सरकारी योजनाओं का लाभ वे उठा रहे हैं, वे भी इसी व्यवस्था द्वारा बिना किसी सामाजिक भेदभाव के उपलब्ध कराई गई हैं।
सरकारी योजनाओं का समान लाभ और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण
कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' ही शासन की मूल नीति है। लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी जैसी जनकल्यणकारी योजनाओं का फायदा समाज के हर तबके को समान रूप से मिल रहा है। जनता को संबोधित करते हुए कहा गया कि वोट देना या न देना जनता का अधिकार है, लेकिन जनप्रतिनिधि होने के नाते विकास कार्य करना उनका दायित्व है। यदि जनता समर्थन देती है तो काम और अधिक उत्साह से होता है, लेकिन समर्थन न मिलने पर भी विकास की गति नहीं रुकेगी।
विकास कार्यों की सौगात और प्रमाण पत्रों का वितरण
इस गरिमामयी कार्यक्रम में शहर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस अवसर पर क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए कई नए कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इसके साथ ही विभिन्न शासकीय कल्याणकारी योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को मंच से प्रमाण पत्र और अधिकार पत्र भी वितरित किए गए।

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