4 करोड़ की अफीम जब्त, पुलिस के हत्थे चढ़े 7 आरोपी
बलरामपुर। के ग्राम त्रिपुरी घोसराडांड़ में अफीम की खेती के मामले में पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों और बिहार व झारखंड के एक-एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोग जमीन मालिक और अफीम के खेत में काम करने वाले मजदूर हैं. पुलिस अब तक अफीम की खेती करने वाले माफिया तक नहीं पहुंच सकी है।
त्रिपुरी में 4 करोड़ का अफीम जब्त
पुलिस के मुताबिक अवैध मादक पदार्थ अफीम की खेती का अवैध मादक पदार्थ पहचान पंचनामा तैयार कर अफीम को जड़ तना पत्ती फूल फल सहित उखाड़ कर एवं खेत में पडे़ दो डब्बा में आधा-आधा भरा हुआ अफीम का लासा व चार बड़ा बोरी व एक छोटा बोरी में सुखे फल की विधिवत बरामदगी किया गया. बरामद अवैध मादक पदार्थ अफीम को जड़ तना, फूल पत्ती फल के साथ विधिवत तौल कराया गया जो कुल 4344.569 किलोग्राम कीमत करीब रूपये 4.75 करोड़ का होना पाया गया है. आरोपियों का कृत्य अपराध धारा सदर 8,18 एन.डी.पी.एस. एक्ट का होना पाए जाने पर उपरोक्त सातों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. प्रकरण में एंड टू एंड विवेचना कार्यवाही जारी है. मामले में फाइनेंसियल गतिविधियों की जांच भी की जा रही है।
इलाके में जांच के लिए पुलिस ने बनाई टीम
मामले में विधिवत विवेचना कार्यवाही हेतु पुलिस की कई टीमें लगाई गई हैं, साथ ही साथ तत्संबंध में पुलिस, प्रशासन एवं फॉरेस्ट विभाग की संयुक्त टीमों के द्वारा पूरे जिले (विशेषकर सरहदी क्षेत्रों में) सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है, चेकिंग के दौरान ऐसी कोई भी गतिविधियां आपराधिक कृत्य करना पाए जाने पर संबंधित आरोपीगण के विरूद्ध विधि अनुसार कठोर कानूनी कार्यवाही की जावेगी, बलरामपुर पुलिस द्वारा इस संबंध में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने दी जानकारी
कलेक्टर राजेन्द्र कटारा ने जानकारी दी है कि जिले के कुसमी थाना क्षेत्र अंतर्गत त्रिपुरी गांव में 10 मार्च 2026 को मुखबिर से अफीम की खेती की सूचना प्राप्त हुई, जिस पर प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर अवैध अफीम की खेती को कब्जे में लेकर भूमि का सीमांकन किया गया. जांच के दौरान पाया गया कि 1.488 हेक्टेयर(3.67 एकड़) में खेती की जा रही थी, जिसके रिकार्ड का अवलोकन किया गया. जिसमें डीसीएस सर्वे में उक्त भूमि पड़ती के रूप में दर्ज है. सामान्यतः उक्त भूमि पर खेती नहीं होने के कारण रबी की गिरदावरी नहीं की गई है. प्रशासन, पुलिस एवं अन्य संबंधित विभागों की संयुक्त टीम के द्वारा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की उपस्थिति में एनडीपीएस के प्रावधानों के तहत परीक्षण कर जब्ती की कार्यवाही की गई. जिसमें पाया गया कि आधे भरे हुए 2 डब्बे अफीम का लासा, 4 बोरी से अधिक अफीम के सूखे फूल एवं अफीम के जड़, तना, पत्ती, फूल सहित पौधे जिनको उखाड़ कर तौला गया, जिसमें 43 क्विंटल से अधिक बरामद किये गये. जिसका अनुमानित मूल्य लगभग 4 करोड़ 75 लाख रुपये है. उक्त अफीम की खेती पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 8 और 18 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना जारी है। कलेक्टर कटारा ने बताया कि जिले में राजस्व, पुलिस प्रशासन एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा जिले की सीमावर्ती क्षेत्रों सहित जिले की समस्त भूमि का चिन्हांकन कर विधिवत सघन जांच करते हुए गहन परीक्षण किया जा रहा है. यदि किसी भूमि पर अफीम की खेती पाये जाने पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी. कलेक्टर कटारा ने आमजनों से अपील की है कि जिले के किसी भी क्षेत्र में अफीम या मादक पदार्थों के खेती की जानकारी मिलती है तो तत्काल जिला एवं पुलिस प्रशासन को सूचना दें, जिस पर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा है कि सूचना देने वाले की जानकारी गोपनीय रखी जाएगी।

त्रिपुरी के बाद तुर्रीपानी में भी मिली अवैध अफीम की खेती
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