जबलपुर/नरसिंहपुर। मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव में हुए प्रसिद्ध लकड़ी कारोबारी रंजीत पटेल हत्याकांड के आखिरी फरार आरोपी को दबोचने के लिए पुलिस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इस सनसनीखेज मामले में नामजद चार हत्यारोपियों को पुलिस पहले ही जेल की सलाखों के पीछे भेज चुकी है। अब मुखबिरों से मिले इनपुट के आधार पर पांचवें मुख्य संदेही की तलाश में नरसिंहपुर पुलिस की एक विशेष टीम जबलपुर पहुंच चुकी है। स्थानीय पुलिस के सहयोग से शहर के कई संदिग्ध ठिकानों और ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है, हालांकि आरोपी अभी भी कानून की गिरफ्त से बाहर है।

लकड़ी के धंधे की रंजिश में लाठियों से पीट-पीटकर ली थी जान

दिल दहला देने वाले इस पूरे मामले के अनुसार, गोटेगांव में लकड़ी के कारोबार को लेकर हुए आपसी विवाद और पुरानी रंजिश के चलते गुड्डू पटेल और छुट्टू राजपूत ने अपने साथियों के साथ मिलकर रंजीत पटेल पर लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया था। बदमाशों ने रंजीत को अधमरा होने तक बेरहमी से पीटा और फिर मरणासन्न हालत में छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो गए।

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची गोटेगांव पुलिस ने लहूलुहान रंजीत को तुरंत इलाज के लिए नजदीकी शासकीय अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन घाव गहरे होने के कारण इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए शुरुआत में पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या (मर्डर) सहित कई अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की।

चार हमलावर पहले ही गिरफ्तार, आखिरी आरोपी ने जबलपुर में ली शरण

मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने सबसे पहले एक संदेही को हिरासत में लिया, जिसने रिमांड के दौरान उगल दिया कि इस खूनी वारदात को अंजाम देने में कुल पांच लोग शामिल थे। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अन्य तीन सह-आरोपियों छुट्टू राजपूत, सुरेंद्र पटेल और नितेश राजपूत को भी ढूंढ निकाला और गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में यह बात सामने आई कि वारदात के बाद पुलिस के डर से पांचवां आरोपी जिला छोड़कर सीधे जबलपुर भाग गया है और वहीं कहीं छिपा हुआ है। इस सुराग के हाथ लगते ही पुलिस की रेडिंग पार्टी जबलपुर में डेरा डाले हुए है। गोटेगांव पुलिस का दावा है कि तकनीकी साक्ष्यों की मदद से फरार अपराधी को बहुत जल्द ट्रैक कर गिरफ्तार कर लिया जाएगा।