वॉशिंगटन | अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा बजट पेश किया है। ट्रंप प्रशासन ने डेढ़ खरब डॉलर के रिकॉर्ड रक्षा बजट का प्रस्ताव पेश किया है। यह रक्षा बजट में 44 प्रतिशत की बड़ी वृद्धि है, जिससे पेंटागन के खर्च में खासी बढ़ोतरी होगी। रक्षा बजट बढ़ाने के लिए कई घरेलू कार्यक्रमों में कटौती करने की तैयारी है। व्हाइट हाउस ने अपने आधिकारिक बजट प्रस्ताव में कहा, 'राष्ट्रीय रक्षा के लिए पहले दिए गए ऐतिहासिक 1 खरब डॉलर के बजट को आगे बढ़ाते हुए 2027 के लिए 1.5 खरब डॉलर की मांग की गई है, जो 44 प्रतिशत की वृद्धि है।'

अमेरिका को दुनिया का सबसे ताकतवर देश बनाए रखने की कवायद

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह प्रस्ताव बढ़ते सुरक्षा दबावों के बीच अमेरिका की सैन्य बढ़त को बनाए रखने में मदद करेगा। दस्तावेज में कहा गया, '2027 का बजट इस वादे को सुनिश्चित करेगा कि अमेरिका दुनिया की सबसे शक्तिशाली और सक्षम सेना बनाए रखे।' प्रस्ताव में लगभग 1.1 खरब डॉलर का आधारभूत रक्षा खर्च शामिल है, जबकि करीब 350 अरब डॉलर गोला-बारूद उत्पादन और रक्षा औद्योगिक ढांचे के विस्तार के लिए निर्धारित किए गए हैं।इस बजट का एक प्रमुख हिस्सा 'गोल्डन डोम' मिसाइल रक्षा प्रणाली विकसित करने के लिए रखा गया है। व्हाइट हाउस के अनुसार, गोल्डन डोम परियोजना को मजबूत वित्तीय समर्थन दिया जाएगा और इसे घरेलू सुरक्षा रणनीति के तहत प्राथमिकता मिलेगी।

बजट में जहाज निर्माण के लिए 65.8 अरब डॉलर का प्रावधान भी किया गया है, जिसमें नए युद्धपोत और सहायक पोत बनाने की योजना है। साथ ही, सैन्य कर्मियों के वेतन में वृद्धि का भी प्रस्ताव है, जिसमें ई-5 और उससे नीचे के रैंक के जवानों के लिए 7 प्रतिशत वेतन बढ़ोतरी शामिल है।

शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे कई अहम मदों में बजट कटौती की तैयारी

रक्षा खर्च में इस बढ़ोतरी के साथ अमेरिकी सरकार कई अन्य अहम कार्यक्रमों के बजट में कटौती की तैयारी कर रही है। आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, '2026 के गैर-रक्षा कार्यक्रमों की तुलना में बजट में 10 प्रतिशत की कटौती का प्रस्ताव है।' प्रस्ताव में शिक्षा, पर्यावरण, स्वास्थ्य और विदेशी सहायता कार्यक्रमों में कटौती का खाका पेश किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पर्यावरण, शिक्षा और स्वास्थ्य अनुसंधान कार्यक्रमों में 73 अरब डॉलर तक की कटौती हो सकती है।कांग्रेस में इस प्रस्ताव पर राजनीतिक मतभेद साफ दिखे। रिपब्लिकन नेताओं ने रक्षा बजट में बढ़ोतरी का स्वागत किया, जबकि डेमोक्रेट्स ने इसे अत्यधिक बताते हुए कहा कि इससे घरेलू प्राथमिकताओं पर असर पड़ेगा। अब यह बजट प्रस्ताव कांग्रेस के पास जाएगा, जहां सांसद तय करेंगे कि नए वित्त वर्ष (1 अक्टूबर से शुरू) से पहले इसमें कितना हिस्सा मंजूर होता है। अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब वॉशिंगटन को पश्चिम एशिया संघर्ष, चीन के साथ प्रतिस्पर्धा और हथियार भंडार को फिर से भरने व सेना के आधुनिकीकरण की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।